जैव ईंधन के तमाम पहलुओं पर हुआ विचार विमर्श
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी ‘एनएफईएसटी-19’ के दूसरे दिन देश-विदेश से पहुंचे करीब 100 शोधार्थियों ने शोधपत्र प्रस्तुत किए। इस दौरान जैव ईंधन तथा परिवहन के रूप में संश्लेषण गैस पर विद्वानों ने विचार रखे।
संगोष्ठी में बुधवार को शोधार्थियों ने मुख्य रूप से एडवांस मेन्युफेक्चिरंग, कैड-कैम एवं सीएसई नेनो टेक्रोलॉजी सहित अन्य विषयों पर शोधपत्र पढ़े गए। ईराक के दियाला विश्वविद्यालय से अरशद नूर सिद्दीकी, एनआईटी श्रीनगर से सैयद इरशाद कादरी तथा एनआईटी से गौरव शर्मा ने विभिन्न सत्रों में मेकेनिकल इंजीनियरिंग के अलग-अलग क्षेत्रों को लेकर प्रभावी प्रस्तुति दी। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से डॉ. फैसल हसन, एनआईटी श्रीनगर से डॉ. एमएफ वाणी तथा दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय से प्रो. आरसी सिंह दो सत्रों में सेशन चेयर रहे। लोक संपर्क अधिकारी प्रो. पीसी तिवारी ने बताया कि संगोष्ठी में प्रो. रिजालमन मामत ने ‘जैव ईधन’ तथा प्रो. फतवी योहानस हामोस ने ‘परिवहन के रूप में संश्लेषण गैस’ विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। संगोष्ठी के तीसरे दिन 6 तकनीकी सत्रों में 60 के करीब शोधपत्र पढ़े जाएंगे। इसके अलावा एक विशेष व्याख्यान का भी आयोजन होगा। इस अवसर पर संगोष्ठी के अध्यक्ष प्रो. सुरजीत आंगरा, मेकेनिकल विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. दिनेश खंडूजा, डॉ. ज्ञान भूषण, डॉ. विनोद, डॉ. गुलशन सचदेवा, डॉ. जॉयप्रकाश मिश्रा, डॉ. ललित, डॉ. वीएसएन रेड्डी एवं प्रो. राजेश सहित अन्य शिक्षक एवं शोधार्थी मौजूद रहे।