कुरुक्षेत्र। सेक्टर तीन में अतिक्रमण व नाजायज कब्जे को लेकर हुडा अधिकारियों की ओर से की जा रही मनमानी सामने आ रही है। यह भी स्पष्ट हो रहा है कि हुडा कार्यालय में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है, लेकिन ऐसे अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। यह आदेश हुडा अधिकारी योगेश रंगा को फटकार लगाते हुए राज्यमंत्री कर्ण देव काम्बोज ने जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक में उस समय दिए जब सेक्टरवासी शगुन चंद व भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष रामपाल पाली द्वारा उक्त सेक्टर में किए गए अतिक्रमण और नाजायज कब्जे की शिकायत का मामला एजेंडे में आया।
पीड़ितों ने हुडा अधिकारी पर मनमानी करने व जानबूझ कर अतिक्रमण व नाजायज कब्जे को बढ़ावा देने जैसे आरोप लगाए तो वहीं अन्य लोगों ने उनके व्यवहार पर भी सवाल उठा दिए और तबादला करने तक की मांग भी राज्यमंत्री के समक्ष रख दी। इस पर हुडा अधिकारी योगेश रंगा से जब जवाब मांगा तो वे विभाग की ओर से की गई कार्रवाई को स्पष्ट नहीं कर पाए जबकि वे महज सफाई देते रहे। राज्यमंत्री ने उक्त मामले की जांच एडीसी, डीआरओ व तहसीलदार समेत चार अधिकारियों द्वारा किए जाने के आदेश दिए।
उन्होंने कहा कि यह कमेटी एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी और उसमें दोषी पाए जाने पर हुडा अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। राज्यमंत्री ने एजेंडे की 18 शिकायतों के साथ-साथ हाउस में करीब एक दर्जन लोगों द्वारा रखी गई शिकायतों को सुना और उनका समाधान करने के लिए अधिकारियों को कुछ आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। राज्यमंत्री ने नंद कॉलोनी निवासी रमेश कुमार की शिकायत पर अधिकारियों को एनओसी जारी करने, गांव झांसा निवासी पुनित मल की शिकायत पर बिजली विभाग के अधिकारियों को 2 दिन के अंदर तारों को हटवाने के आदेश दिए। राज्यमंत्री ने पिहोवा वार्ड निवासी लाभ सिंह, पिहोवा निवासी संजय, ग्राम पंचायत छैलों, पिहोवा माडल टाउन निवासी प्रवीण कुमार, गांव रोहटी निवासी मोहन लाल, गांव चनारथल निवासी नारंग सिंह, जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण सदस्य जयसिंह पाल, गांव गुमथला गढु निवासी बलबीर सिंह की शिकायतों का समाधान करते हुए आदेश दिए कि अधिकारी लोगों को शिकायतों का तुरंत समाधान करने का प्रयास करे। इस मौके पर विधायक सुभाष सुधा, विधायक डॉ. पवन सैनी, जिप चेयरमैन गुदयाल सुनहेड़ी, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर सहित अन्य अधिकारी और कमेटी के सदस्य मौजूद थे।
शिकायत और आरटीआई के नाम पर ब्लैकमेल करने वाले पर हो कार्रवाई
जमीन के एक मामले में तहसीलदार और नप की पोल खोलने के लिए बैठक में पहुंचे एक शिकायतकर्ता का ही उस समय भेद खुल गया जब आरोपी लोगों के साथ-साथ अन्य लोग भी उसके विरोध में उतर आए। उन्होंने राज्यमंत्री के समक्ष आरोप लगाते हुए खुलासा कि शिकायतकर्ता सीएम विंडो पर शिकायतें लगाकर व आरटीआई से ब्लैकमेल करने का काम कर रहा है और अभी तक वह 100 से अधिक शिकायतें विभिन्न मामलों में अनेकों लोगों व अधिकारियों के खिलाफ दे चुका है। यह जानकार राज्यमंत्री दंग रह गए और उन्होंने कहा कि इस तरह ब्लैकमेल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि उक्त व्यक्ति द्वारा अभी तक लगाई गई शिकायतों व आरटीआई की जांच की जाए, जिससे पता चल सके कि उससे सरकार व जनता को कितना फायदा हुआ है। अगर ये शिकायतें व आरटीआई परेशान करने व ब्लैकमेल करने के लिए लगाई पाई गई तो अवश्य ही कार्रवाई की जाएगी।
बैंक मैनेजर को दिए कार्रवाई के आदेश
राज्यमंत्री ने गांव हथीरा निवासी कुलदीप सिंह की शिकायत पर दोनों पक्षों की दलीलों को सुना और आदेश दिए कि शिकायतकर्ता कुलदीप सिंह का कोई दोष नहीं है। केवल लापरवाही के कारण शिकायतकर्ता को भुगतना पड़ रहा है। इसलिए बैंक ने लिमिट पर जो अतिरिक्त ब्याज लगाया है वह तथ्यों को देखकर लग रहा है कि ब्याज बैंक कर्मियों की लापरवाही के कारण लगा है, इसलिए बैंक मैनेजर इसमें कार्रवाई करे या स्वयं ब्याज की राशि का भुगतान करे।
कश्मीर में तैनात फौजी वीरेंद्र सिंह ने लगाई फरियाद, बोला- जनाब न्याय कर दो
बैठक में उस समय एक बार माहौल बदल सा गया जब गांव सारसा निवासी अजायब सिंह के कश्मीर में तैनात फौजी बेटे ने यूनिफॉर्म में ही पहुंचकर राज्यमंत्री के समक्ष पिता की ओर से फरियाद लगाई। उन्होंने कहा कि साहब यहां परिजनों के साथ अन्याय हो रहा है तो वह सरहद पर चिंता में रहता है। इसी के चलते वह तीन बार छुट्टी लेकर आने को मजबूर हुआ हूं। उन्होंने अपने पिता की ओर से खेतों की सिंचाई हेतु बिजली का कनेक्शन जारी करने के लिए हाउस में शिकायत रखी। इस शिकायत पर राज्यमंत्री ने दूसरे पक्ष से बातचीत की और आदेश दिए कि फौजी होने के कारण अजैब सिंह को विशेष केस में सिंचाई हेतु बिजली का कनेक्शन जारी किया जाए और दूसरे पक्ष को सांझे में ट्यूबवेल की खुदाई कर निर्धारित समय पर पानी देने के आदेश दिए और यह भी अपील की कि टपका या फव्वारा सिंचाई तकनीक से सिंचाई की जाए तथा ट्यूबवेल के लिए सौर ऊर्जा जैसे यंत्रों को भी अपनाया जाए। इसके लिए कष्ट निवारण समिति के सदस्य युद्धिष्ठर बहल और रविंद्र सांगवान को ट्यूबवेल की खुदाई और कनेक्शन जारी करने तक की कार्रवाई को पूरा करवाने के लिए ड्यूटी लगाई है।