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छह महीने बाद भी नहीं पता चला झांसा की छात्रा व छात्र की मौत

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इस्माईलाबाद। गांव झांसा की दसवीं कक्षा की छात्रा और छात्र की दरिंदगी के बाद हत्या के कथित मामले को करीब छह महीने बीत जाने के बाद भी हरियाणा पुलिस सुलझा नहीं पाई है। परिजनों द्वारा मामले की सीबीआई जांच मांग के बाद मुख्यमंत्री ने मामले को सुलझाने के लिए आईजी करनाल रेंज करनाल की अध्यक्षता में एक टीम गठित की गई थी तथा परिजनों को आश्वासन दिया था कि मामले को दो महीने के भीतर सुलझा दिया जाएगा, लेकिन मामले में कोई भी सुराग न मिलने से मामला नहीं सुलझ पाया उसके बाद परिजनों ने मुख्यमंत्री से मिले वहां पर मामले को 20 जून तक हर हाल में सुलझाने का आश्वासन दिया, लेकिन 20 जून भी बीत जाने के बाद मामला नहीं सुलझ पाया है। परिजन अब भी कुछ ऐसे सवालों को जवाब मांग रहे है जो मामले को आत्महत्या का नहीं बल्कि डबल मर्डर का साबित करते हैं लेकिन उन सवालों के जवाब न तो पुलिस के पास है और न ही मामले पर ओपिनियन देने आए डाक्टरों पास। ग्रामीण व परिजन मामले को सुलझाने के लिए सीबीआई से जांच की मांग को लेकर अड़े हुए है। बता दें कि 9 जनवरी को गांव झांसा से लापता छात्रा का शव 12 जनवरी को गांव बूढ़ा खेड़ा नहर की पटरी पर मिला था तथा लापता छात्रा का शव 16 जनवरी को गांव बटहेडा के नजदीक नहर से मिला था। अब तक पुलिस को यह पता नहीं लगा पाई है कि छात्रा का शव वहां कैसे पहुंचा, उसके साथ दरिंदगी किसने की, उसके शरीर पर चोट के निशान कैसे आए तथा छात्र के शव से कपडे़ कैसे गायब हुए। इन्हीं कुछ प्रश्नों के उत्तर परिजन पुलिस से मांग रहे है, लेकिन आज तक जांच के लिए तैयार की गई एसआईटी टीम झांसा नहर से आगे जांच को नहीं बढ़ा पाई है और न ही सीसीटीवी कैमरे में बंद बाइक सवारों का पता लगा पाई है।
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पहले दिन से ही नाकाम रही पुलिस : सुरेंद्र
मृतक लड़की के पिता सुरेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस मामले को सुलझाने में पहले दिन से ही नाकाम रही है तथा पुलिस मामले को आत्महत्या की तरफ ले जाकर मामले को बंद करने पर लगी हुई है जबकि यह मामला आत्महत्या का नहीं बल्कि यह डबल मर्डर का मामला है उनके बच्चे किसी भी हालत में आत्महत्या नहीं कर सकते। वे शुरू दिन से ही मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे है लेकिन प्रदेश सरकार व प्रशासन मामले में ढ़ीलापन देकर मामले को लटकाने में लगे हुए है। जबकि वे ऐसा कताई नहीं होने देंगे जब तक उसकी बेटी के हत्यारों को सजा नहीं मिल जाती वे चैन से नहीं बैठेंगे। मुख्यमंत्री के आदेश पर मामले को सुलझाने के लिए आईजी करनाल की अध्यक्षता में बनाई गई टीम भी दिए गए निर्धारित समय तक मामले को नहीं सुलझा पाई है। उन्हें नहीं लगता हरियाणा पुलिस मामले को अब कभी सुलझा भी पाएगी। अगर अब भी मामला सीबीआई को नहीं सौंपा गया तो वे बच्चों को न्याय दिलाने के लिए वे कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
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