अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर के प्रधान प्रो. कृपाल सिंह बंडूगर ने कहा कि मीरी पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइसिंज एंड रिसर्च शाहाबाद में आधुनिक मशीनरी लगाने के लिए 13 करोड़ रुपये की राशि स्वीकार की गई है। ये आधुनिक मशीनरी जल्द से जल्द संस्थान में उपलब्ध होंगी। वे धर्मनगरी के ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
इस मौके पर एसजीपीसी वरिष्ठ उपप्रधान जत्थेदार बलदेव सिंह कैमपुर, मेंबर जत्थेदार भूपेंदर सिंह, एसजीपीसी सचिव मनजीत सिंह और ऐतिहासिक गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब पटियाला के पूर्व मैनेजर एवं पीए भगवंत सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे। प्रो. बंडूगर ने कहा कि मीरी पीरी संस्थान को एशिया में सबसे बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि गतका लहर को आगे बढ़ाते हुए 3 जुलाई को कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में गतका (सिख मार्शल आर्ट) का मुकाबला कराया जाएगा, ताकि सिखों की पौराणिक सभ्यता का प्रचार प्रसार किया जा सकें। इससे पहले एक जुलाई से धर्म प्रचार की लहर को आगे बढ़ाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया जाएगा, जिसका शुभारंभ तख्त श्री दमदमा साहिब साबो की तलवंडी बठिंडा पंजाब से होगा, जबकि हरियाणा में इसकी शुरुआत 18 जुलाई को ऐतिहासिक गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब अंबाला से की जाएगी। धर्म प्रचार की यह लहर पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश में चलाई जाएगी। एक सवाल के जवाब में एसजीपीसी प्रधान ने कहा कि जगदीश सिंह झींडा को सिख और शिरोमणि कमेटी का इतिहास पढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंजाब गुरुद्वारा एक्ट 1925 वायसराय इन कौंसिल ने बनाया था, जिसमें परिवर्तन का अधिकार सिर्फ संसद को है। इस एक्ट में संशोधन के लिए संसद विधेयक पास कर उस पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर करवाए, तो फिर कहीं जाकर एक्ट 1925 में संशोधन किया जा सकता। इससे पहले यहां पहुंचने पर एसजीपीसी प्रधान ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज के समक्ष शीश नवाया। इस दौरान उन्हें सिरोपा व श्री साहिब भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया। इसके बाद एसजीपीसी प्रधान प्रो. बंडूगर ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर के हरियाणा से निर्वाचित मेंबर साहिबान और ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबान के प्रबंधकों तथा प्रचारकों की संयुक्त बैठक भी ली। इस दौरान प्रदेश में धर्म प्रचार को बढ़ावा देने के अलावा अन्य मुद्दों पर विचार मंथन किया गया। बैठक में वरिष्ठ उपप्रधान जत्थेदार बलदेव सिंह कैपमुर, एसजीपीसी मैंबर जत्थेदार भूपेंदर सिंह असंध, जगसीर सिंह मांगेआना, बलदेव सिंह खालसा, बाबा गुरमीत सिंह तिलोकेवाला, बीबी अमरजीत कौर बाड़ा, बीबी मनजीत कौर गधौला, शिरोमणि अकाली दल हरियाणा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष जत्थेदार शरणजीत सिंह सौथा, एसजीपीसी पूर्व सदस्या बीबी रंविदर कौर अजराना, धर्म प्रचार कमेटी के सदस्य जत्थेदार तजिंदरपाल सिंह ढिल्लो और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर के सचिव मनजीत सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा बैठक में हरियाणा के ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबान के मैनेजर साहिबान ने प्रदेश में धर्म प्रचार की लहर को ओर तेज करने के लिए सुझाव दिए।
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मीरी पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइसिंज में भी पहुंचे एसजीपीसी प्रधान
कुरुक्षेत्र से पहले एसजीपीसी प्रधान प्रो. कृपाल सिंह बंडूगर मीरी पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइसिंज एंड रिसर्च शाहाबाद मारकंडा भी पहुंचे। यहां उन्होंने अस्पताल में ओपीडी का जायजा लेते हुए मरीजों से बातचीत भी की। उन्होंने अस्पताल के इंचार्ज डा. संदीप इंदर सिंह चीमा से ओपीडी की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को उपचार के लिए आवश्यक सभी आधुनिक सुविधाएं मुहैया करवाई जाएगी। इस दौरान उनके साथ एसजीपीसी वरिष्ठ उप्रधान बलदेव सिंह कैमपुर, पूर्व वरिष्ठ उपप्रधान रघुजीत सिंह विर्क, एसजीपीसी सचिव मनजीत सिंह और पीए भगवंत सिंह भी मौजूद रहे।