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आचार्य देवव्रत ने किया गुरुकुल के क्रेशर एवं खंडसारी यूनिट का उद्घाटन

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अमर उजाला ब्यूरो
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कुरुक्षेत्र। गुरुकुल में सोमवार से प्राकृतिक खेती से तैयार 100 फीसदी रसायन मुक्त गुड़, शक्कर, राब और देसी खांड का उत्पादन शुरू हो गया है। कैंथला में स्थित गुरुकुल के जीरो बजट प्राकृतिक कृषि फार्म पर नवनिर्मित गन्ना क्रशर एवं खंडसारी यूनिट का हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल एवं गुरुकुल के संरक्षक आचार्य देवव्रत ने शुभारंभ किया।
आचार्य देवव्रत ने यूनिट का बारीकी से निरीक्षण किया और कारीगरों से गन्ने से रस निकालने व गुड़ बनाने की पूरी प्रक्रिया पर चर्चा की। इस अवसर पर गुरुकुल के प्रधान कुलवंत सिंह सैनी, निदेशक व प्राचार्य कर्नल अरुण दत्ता, सह प्राचार्य शमशेर सिंह, आचार्य सत्यप्रकाश, डॉ. हरिओम, फार्म मैनेजर गुरदीप सिंह, धर्मसिंह, सतपाल सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे। आचार्य देवव्रत ने कहा कि गुरुकुल के क्रशर पर मक्खी, मच्छर नियंत्रण व साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाएगा तथा गुड़ बनाने में देसी गाय के दूध का प्रयोग किया जाएगा। इससे गुड़ में प्राकृतिक रंग तो आएगा ही, साथ ही उसका स्वाद भी अनुपम होगा।
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अमर उजाला से विशेष बातचीत में आचार्य देवव्रत ने कहा कि इंसान, पशुधन और पर्यावरण के लिए कुरुक्षेत्र गुरुकुल अपनी खास विधि से तैयार किए जाने वाले प्रोडक्ट को व्यापार के लिए नहीं, चेतना के रूप में लॉन्च करता रहेगा। इन प्रोडक्ट उद्देश्य स्पष्ट है कि जो लोग ऐसी सामग्री तैयार कर रहे हैं या करने में सक्षम है, वे गुरुकुल की विधि को समझें, इसका प्रशिक्षण लें और राष्ट्र को स्वस्थ बनाने में अपना योगदान दे सके। आचार्य देवव्रत ने बताया कि संस्थान के पास 220 एकड़ भूमि है, इसमें जीरो बजट खेती व क्रशर एवं खांडसारी जैसे यूनिट संचालित की जा रही है। आचार्य देवव्रत ने बताया कि गुरुकुल में तैयार किए जाने वाले प्रोडक्ट बिजनेस के लिए नहीं हैं। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा तैयार किए गए प्रोडक्ट की बिक्री वर्तमान में गुरुकुल परिसर और कुरुक्षेत्र-कैथल रोड पर गुरुकुल के निकट सिर्फ दो बिक्री केंद्रों पर ही होगी। इसके अलावा कोई भी बिक्री केंद्र गुरुकुल स्थापित नहीं करेगा।

आउटसोर्स सामग्री पर मुहर लगाकर बिक्री नहीं करेगा गुरुकुल
आचार्य देवव्रत के मुताबिक, आउटसोर्स की गई सामग्री से गुरुकुल के प्रोडक्ट तैयार करने की कोई योजना न पहले थी न ही भविष्य में है। गुरुकुल प्राकृतिक विधि से अपनी 200 एकड़ भूमि पर जो उत्पादन करता है, उसी सामग्री के प्रोडक्ट तैयार करके उसके सिर्फ बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध कराएगा। आउटसोर्स की गई सामग्री पर मुहर लगाकर बेचने का काम गुरुकुल बिलकुल नहीं करेगा।
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अब काजू, अलसी, मेथी वाला गुड़ का भी होगा प्राकृतिक विधि से उत्पादन
प्राकृतिक खेती से सब्जियां, फल, शहद, दालें, चावल, तेल व औषधियों के अलावा गुरुकुल अब काजू, अलसी, नारियल, मेथी और सौंठ वाला प्राकृतिक गुड़ भी तैयार करेगा। गुरुकुल के प्रधान कुलवंत सिंह सैनी ने बताया कि यह सामग्री पूरी तरह से जहरमुक्त और स्वास्थ्यवर्धक होगी। गुड़, शक्कर, राब व देसी खांड के निर्माण में किसी भी प्रकार के केमिकल का प्रयोग नहीं किया जाएगा।
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