अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने बिजली के रेट बढ़ाने की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विधानसभा मेें आश्वासन दिया था कि भविष्य में बिजली के रेट नहीं बढ़ाए जाएंगे, लेकिन सरकार ने बिजली के रेट बढ़ाकर सदन तथा जनता से वादाखिलाफी की है।
उन्होंने बिजली के बढ़े हुए रेट तुरंत वापस लेने की मांग की। अरोड़ा ने कहा कि जीएसटी तथा नोटबंदी के कारण बाजार में आर्थिक मंदी छाई हुई है। व्यापारियों का कामधंधा ठप पड़ा है। किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य न मिलने से वे हताश और निराश है और किसान वर्ग आर्थिक मंदी का शिकार है। ऐसे हालात में बिजली के रेट बढ़ाना सरासर अन्याय है। अरोड़ा ने कहा कि बिजली का रेट बढ़ाने की बजाये बिजली की सप्लाई दुरुस्त की जानी चाहिए। भीषण गर्मी के मौसम में प्रदेश की जनता बिजली के अघोषित कटों से परेशान है। दिन में दर्जनों बार बिजली के कट लगते हैं। जनता सड़कों पर आकर धरने और प्रदर्शन कर रही है, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। बिजली की कटौती के कारण लोगों को पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं हो रहा। 24 घंटे बिजली देने का सरकार का दावा खोखला साबित हुआ है।