अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। स्वच्छ शक्ति-2019 में पीएम नरेंद्र मोदी के आगमन के बाद मुख्य मंच से जब सीएम मनोहर लाल अभिवादन भाषण दे रहे थे, इसी बीच पूरे काले कपड़े पहने एक युवक वीआईपी दीर्घा में घुस आया। यह हालात तब पैदा हुए जब ब्रह्मसरोवर के समक्ष केडीबी ग्राउंड में लगे वीवीआईपी पंडाल के 11 एंट्री गेट के बाहर काले वस्त्र पहनने वालों के प्रवेश निषेध का बाकायदा नोटिस लगा था। वहीं पंडाल के सभी प्रवेश द्वारों के बाहर लाउड स्पीकर के माध्यम से इस संबंध में चेतावनी प्रसारित की जा रही थी।
आयोजन में हुई यह चूक बड़ा सवाल है। बता दें कि जब सुरक्षा कर्मियों की निगाहें सुरक्षा प्रबंधों पर और सीएम पर थी। उस दौरान प्रवेश द्वार पर नजर जमाए खड़ेे सुरक्षा कर्मियों को भी इसका पता नहीं लगा। बस इसी का फायदा उठाकर काली ड्रेस में युवक मुख्य मंच के सामने वीआईपी दीर्घा तक आ धमका। हालांकि खुफिया तंत्र से जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया और उन्होंने काले कपड़े पहने युवक को ढूंढना शुरू किया। इस बीच लापरवाही को सुधारते हुए पुलिसकर्मी वीआईपी पंडाल एवं मीडिया गैलरी में फैल गए और और बीचोंबीच पहुंचकर युवक को पकड़ कब्जे में लेकर बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की। मौके पर नजर गड़ाए अमर उजाला टीम के सदस्यों ने उक्त घटनाक्रम को अपने कैमरे में भी कैद किया। इस दौरान सीएम मनोहर लाल संस्कृत श्लोक यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता... का जिक्र करते हुए नारी शक्ति के सम्मान में विचार रख रहे थे। इस युवक ने काली पैंट के साथ शर्ट भी काले रंग की पहनी हुई थी। यही नहीं, उक्त युवक ने काले जूते और बेल्ट भी काली ही लगाई हुई थी।
जिलाध्यक्ष से पहचान बता वीआईपी पंडाल में घुसी महिला
कार्यक्रम के दौरान वीआईपी पंडाल में इधर-उधर से लोगों के घुसने का सिलसिला चलता रहा। काले कपड़े पहने युवक के अलावा एक महिला भी बिना किसी पास या आईकार्ड के वीआईपी पंडाल में आ गई। इस दौरान बिना आईकार्ड के सीट पर बैठे देख सीआईडी ने पूछताछ की तो उक्त महिला ने खुद को भाजपा जिलाध्यक्ष की पहचान की बताते हुए उनसे मौके पर ही बात कराने को कहा। काफी देर तक पुलिस के आलाधिकारी भी महिला से बातचीत करते रहे। इसके बाद पुलिस ने महिला को सुरक्षा कारणों का हवाला देकर किसी अन्य जगह शिफ्ट करा दिया।
कई महिलाएं रही खुफिया एजेंसियों के निशाने पर
कार्यक्रम से पहले ही विभिन्न संगठनों की कई महिला कार्यकर्ताओं को लेकर खुफिया एजेंसियों ने चौकसी बरती। सरकार द्वारा खासतौर पर स्वच्छ शक्ति-2019 के लिए बनाए अलग-अलग एंट्री गेट पर एजेंसियों के प्रतिनिधियों को तैनात किया गया था। आशंका जताई गई थी कि सामाजिक संगठनों से जुड़ी कुछ महिला कार्यकर्ता पीएम के कार्यक्रम में काले झंडे दिखाते हुए या अन्य तरह से प्रदर्शन कर सकती हैं। इसी के चलते जिला स्तर से लेकर प्रदेश एवं केंद्र सरकार के तहत कार्य करने वाली विभिन्न एजेंसियों ने प्रवेश द्वारों पर नजर बनाए रखी।