कुरुक्षेत्र। हर किसान व उसकी फसल का ब्योरा एकत्रित करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई मेरी फसल मेरा ब्योरा योजना अधिकारियों के गले की फांस बन चुकी है। इस योजना के तहत किसानों व फसलों का सर्वे करने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को सक्षम युवक-युवतियां ही नहीं मिल रहे, जिसके चलते यह कार्य पूरा कराने में विभाग के अधिकारियों के पसीने छूटे हुए हैं।
विभाग ने जिला प्रशासन से जनवरी माह के पहले सप्ताह में ही सर्वे कार्य के लिए 1600 सक्षम युवक- युवतियों की मांग की थी । उसी दौरान ही यह कार्य भी शुरू कर दिया गया था, लेकिन पहले जहां विभाग को 500 सक्षम युवक-युवतियां ही मिल पाए तो वहीं अब फिर से मांग करने पर आज तक 130 युवक-युवतियां ही इस कार्य के लिए पहुंचे। वहीं ग्रुप डी की भर्ती में चयनित हुए करीब दर्जन भर युवक-युवतियां यह कार्य भी छोड़ गए।
ऐसे हालात में अभी तक करीब 70 फीसदी कार्य ही निपट पाया है जबकि प्रदेश सरकार द्वारा इसके लिए दो बार बढ़ाई गई अंतिम तिथि के चलते विभाग को अब 10 फरवरी तक यह कार्य पूरा करना होगा। महज पांच दिन शेष रहने के चलते अधिकारियों के लिए यह कार्य चुनौती बना हुआ है। बता दें कि गेहूं व सरसों सहित अन्य फसलों को मंडियों में बेचने के लिए किसानों को इस योजना के तहत सरकारी तौर पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जिसमें किसान से लेकर जमीन, फसल व बैंक खाते का भी विवरण दर्ज कराना होगा। ऐसा न कराने पर किसान की फसल नहीं बिक पाएगी। बता दें कि पहले इसके लिए 15 फरवरी अंतिम तिथि तय की गई थी तो बाद में इसे 31 जनवरी तक बढ़ा दिया गया था। इसके बाद इसमें 10 दिन के लिए राहत दी गई। माना जा रहा है कि सरकार ने अनाज की खरीद व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यह कदम उठाया है।
किसान की जमीन, फसल से लेकर आढ़ती तक का ब्योरा होगा सरकार के पास
योजना अनुसार किसानों को रजिस्ट्रेशन एक निर्धारित आवेदन पत्र के अनुसार करवाना होगा, जिसके उन्हें अपने, जमीन का खसरा , खतौनी नंबर, रकबा और बिजाई गई फसल, आधार, बैंक खाता नंबर की पूरी जानकारी से लेकर संबंधित मंडी, आढ़ती का पूरा ब्योरा देना होगा। यही नहीं फसल का भुगतान सीधे बैंक खाते में या फिर आढ़ती के माध्यम से चाहते हैं, यह इच्छा भी दर्शानी होगी। यह पूरी जानकारी दिए जाने के बाद सरकार के पास किसान से लेकर आढ़ती तक का फसल को लेकर पूरा ब्योरा होगा। किसान जहां कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर यह रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें आधार कार्ड, बैंक पास बुक, किसान का फोटो, जमीन की फर्द, खतौनी नंबर, किला नंबर, खेवट नंबर, मोबाइल नंबर का ब्योरा मौके पर देना होगा वहीं स्मार्ट फोन से भी विशेष एप के माध्यम से स्वयं अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
तय समय में पूरा कर लिया जाएगा सर्वे : उपनिदेशक
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रदीप कुमार मील का कहना है कि सरकार के निर्णय के अनुसार किसानों को रजिस्ट्रेशन करना पिछले माह ही शुरू कर दिया था और अब तक करीब 70 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। 10 फरवरी तक पूरा सर्वे हर हालत में कर लिया जाएगा, जिसके लिए ओेर भी सक्षम युवक-युवतियों की मांग जिला प्रशासन से की गई है। इस कार्य को पूरा करने के लिए जहां विभाग के सभी अधिकारियों को फील्ड में उतारा हुआ है ।