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10 दिन से नहीं हो पाया जिला भर की अनाज मंडियों में धान का भुगतान

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अमर उजाला ब्यूरो
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कुरुक्षेत्र। सीजन शुरू होने से पहले से लेकर अब तक प्रदेश सरकार व प्रशासन की ओर से धान खरीद का भुगतान 72 घंटे में किए जाने के दावे किए जा रहे है जबकि ये दावे पूरी तरह से खोखले साबित हो रहे है। सीजन भले ही 60 फीसदी से भी अधिक निपट गया हो, लेकिन एक बार भी भुगतान समय पर नहीं हो पाया है। हालात यह है कि पिछले 12 दिनों से कोई भुगतान नहीं किया गया और करीब एक हजार करोड़ रुपये का भुगतान अटका हुआ है। भुगतान न होने से किसानों से लेकर आढ़तियों को भी भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है जबकि अधिकारी छुट्टियों के बहाने टालमटोल करने में लगे है। बता दें कि एक अक्तूबर से जिले की अनाज मंडियों से धान खरीद सरकारी तौर पर शुरू हुई थी। पहले सप्ताह में ही भुगतान समय पर नहीं हो पाया और अभी तक चार अक्तूबर तक का भी पूरा भुगतान नहीं किया जा सका है। अकेले थानेसर अनाज मंडी में करीब 300 करोड़ रुपये का भुगतान अटका हुआ है तो वहीं पिहोवा अनाजमंडी में आढ़ती एसोसिएशन के सचिव प्रवीण सिंगला के अनुसार करीब 100 करोड़ रुपये अटके हुए है। शाहबाद अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान र्स्वणजीत सिंह कालड़ा के अनुसार करीब 100 करोड़ का भुगतान अटका हुआ है और तीन अक्तूबर के बाद कोई भुगतान नहीं किया गया है। ऐसे ही हालात पिपली, लाडवा सहित अन्य अनाज मंडियों के बने हुए है।

5 अक्तूबर तक का जारी हुआ बजट, आगे के लिए भेेजी मांग : डीएफएससी
डीएफएससी नरेंद्र सहरावत का कहना है कि 5 अक्तूबर तक का भुगतान जारी हो चुका है। तीन अक्तूबर तक का भुगतान आढ़तियों को मिल भी चुका है। गत शुक्रवार तक 400 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके है जबकि अगले भुगतान के लिए भी मुख्यालय से मांग कर ली गई है और जल्द ही यह आढ़तियों तक पहुंच जाएगा।
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अनाज मंडी में अव्यवस्था पड़ रही भारी
नई अनाज मंडी में जहां सीजन शुरू होने के 15 दिन बाद भी उठान सुचारू नहीं हो सका वहीं मंडी प्रशासन की ओर से अनदेखी के चलते बनी अव्यवस्था भी आढ़तियों पर भारी पड़ रही है। उठान न होने से मंडी में जहां धान उठान तेज न होने से टैग लगे हुए है वहीं कबाड़ के ढेर भी सैकड़ों की संख्या में पड़े हुए है। पूरी तरह से जाम हुई मंडी में अनाज डालने की जगह नहीं रही तो ब्रह्मसरोवर तट पर अस्थायी मंडी भी शुरू कर दी गई, लेकिन यहां आढ़तियों को करीब 10-10 हजार रुपये की चपत लग रही है। यहां बनाई गई पार्किंग में धान डालने की एवज में उनसे यह राशि वसूल की जा रही है, जिससे आढ़ती खफा हो चुके है।
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आढ़तियों की मजबूरी का फायदा उठा रहे पार्किंग ठेकेदार : दौलत राम
अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व प्रधान दौलत राम बंसल का कहना है कि मंडी में व्यवस्था दुरूस्त न होने और अनाज डालने की जगह न रहने पर आढ़तियों को ब्रह्मसरोवर तट पर किसानों से धान डलवाना पड़ रहा है, लेकिन पार्किंग ठेकेदार इस मजबूरी का फायदा उठाते हुए उनके करीब 10-10 हजार रुपये की वसूली कर रहे है। कई आढ़तियों से इससे ज्याद भी राशि वसूल की गई है। उधर संबंधित एक पार्किंग ठेकेदार से प्रयास के बावजूद बातचीत नहीं हो पाई।
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