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जिला भर में बंद रही दवा की 550 दुकानें, 3 करोड़ का करोबार प्रभावित, सरकार को लगा करीब 36 लाख का फटका

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जिले में बंद रहीं दवा की 550 दुकानें, 3 करोड़ का करोबार प्रभावित, सरकार को लगा करीब 36 लाख का फटका
- ऑनलाइन दवा व्यापार के विरोध में उतरे दवा विक्रेता, भटकते रहे करीब एक हजार मरीज
- आपात सेवाओं के लिए नर्सिंग होम में स्थित दवा दुकानें रखी गई खुली
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। ऑनलाइन दवा व्यापार के विरोध में जिले भर के दवा विक्रेता हड़ताल पर रहे और करीब 550 दुकानें बंद रखीं। हालांकि आपात सेवाओं के लिए नर्सिंग होम में स्थित दवा की दुकानें खुली रखीं। दवा विक्रेताओं की हड़ताल से जहां करीब 3 करोड़ का दवा कारोबार प्रभावित रहा वहीं टैक्स के तौर पर सरकार को होने वाले करीब 36 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। लगभग हजार मरीज दवाओं के लिए भटकते रहे।
केंद्र सरकार के ऑनलाइन दवा व्यापार के नए कानून के विरोध में ऑल इंडिया केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने देश भर में शुक्रवार को हड़ताल का आह्वान किया था। वीरवार रात 12 बजे से लेकर शुक्रवार रात 12 बजे तक जिले में दवा की दुकानें बंद रखीं गई। इससे पहले एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रधान एवं प्रदेश सचिव अशोक सिंगला के नेतृत्व में डीआरओ चांदी राम को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ने यह कानून वापस नहीं लिया तो अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। बता दें कि केंद्र सरकार ने 28 अगस्त को अधिसूचना जारी कर दवाओं की बिक्री ऑनलाइन किए जाना आवश्यक कर दिया है, जिसके विरोध में देश भर के दवा विक्रेता लामबंद हो गए हैं।
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एलएनजेपी सिविल अस्पताल के ही 300 से अधिक मरीज परेशान
हालांकि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को फ्री दवाएं दिए जाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन निजी दवा विक्रेताओं का कहना है कि जिला स्तर पर स्थित एलएनजेपी सिविल अस्पताल से ही 300 से अधिक मरीज अस्पताल में दवा न होने पर हर रोज निजी दुकानों पर दवा लेते हैं। हड़ताल का सबसे अधिक इन्हीं मरीजों पर पड़ा है। अस्पताल के आसपास सभी दवा दुकानें पूरी तरह बंद रहीं।

बदलते मौसम व मच्छरों की भरमार से बड़ी मरीजों की मुश्किल
बदलते मौसम व मच्छरों की भरमार के चलते जहां संदिग्ध बुखार व अन्य रोगों के मरीजों की संख्या सिविल व निजी अस्पतालों में लगातार बढ़ रही है वहीं ऐसे में दवा की दुकानें बंद रहने से अधिक संख्या में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।

पीड़ितों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित होगा नया कानून : सिंगला
ऑल इंडिया केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के जिला प्रधान एवं प्रदेश सचिव अशोक सिंगला का कहना है कि नए कानून से न केवल दवा व्यवसाय को नुकसान होगा। बल्कि, लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी यह खतरनाक साबित होगा। देश की प्रबल युवा पीढ़ी भी इसके दुष्प्रभाव से नहीं बच पाएगी और यह देश के लिए अपूर्णनीय क्षति का कारण बन सकती है।
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ऑनलाइन दवा व्यापार के विरोध में केमिस्टों ने एसडीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
पिहोवा। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्टस के आह्वान पर पिहोवा केमिस्ट्स एसोसिएशन ने ऑनलाइन दवा व्यापार के विरोध में एक दिन क लिए अपनी दुकानें बंद कर एसडीएम के नाम सांकेतिक ज्ञापन देकर ऑनलाइन दवा व्यापार बंद करने की मांग की। पिहोवा केमिस्ट्स एसोसिएशन प्रधान धर्मपाल गर्ग ने बताया कि ऑनलाइन दवा व्यापार की रोकथाम से लोगों के स्वास्थ्य से हो रहे खिलवाड़ को रोका जा सकता है तथा युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को बढने से रोका जा सकता है। ऑनलाइन दवा व्यापार से बाजार में दवाओं का आभाव बना रहता है, इससे दवा विक्रेताओं की आजीविका पर भी भविष्य में खतरा बन गया है। उन्होंने कहा ऑनलाइन दवा व्यापार को तुरंत बंद किया जाए। अगर मांग नही मानी गई तो अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया जाएगा। उन्होंने कहा मरीजों को कोई परेशानी न हो इसको लेकर एमरजेंसी काउंटर खुले रखे गए। इस मौके हरजिंद्र चुघ, जगदीप कंबोज, श्याम मलिक, संजीव बंसल, गुलशन चावला, संजीव खुराना, दलबीर श्योकंद, गुरनाम सिंह, पंकज कुमार, विजय कुमार, राज कुमार गोयल सहित अनेक दवा विक्रेता मौजूद रहे।
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