अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जिले में बुधवार रात को मूलसाधार बारिश हुई, जिससे शहर से लेकर खेतों में भी पानी भर गया। सबसे अधिक बारिश थानेसर खंड में 99 एमएम तो सबसे कम इस्माईलाबाद में सात एमएम दर्ज की गई। बारिश से जिला भर में 82 किसानों की करीब 520 एकड़ से अधिक धान की फसल को नुकसान हुई है। इससे किसानों में हड़कंप मचा हुआ है और शिकायत लेकर कृषि विभाग भी पहुंचे तो विभाग ने बीमा कंपनी के साथ सर्वे किए जाने का भरोसा दिया। वहीं बारिश से शहर की मुख्य सड़कों से लेकर गहराई वाले क्षेत्रों में जलभराव हो गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। रात करीब डेढ़ बजे बारिश शुरू हुई, जो साढ़े तीन बजे तक चली। बेहद तेज बारिश से शहर के पिपली- कुरुक्षेत्र रोड, झांसा रोड , सेक्टर पांच, सात, 13 के अलावा बीआर अंबेडकर चौक, बिरला मंदिर चौक, थानेसर रेलवे स्टेेशन चौक, मोहन नगर, वशिष्ठ कॉलोनी, कीर्ति नगर, विष्णु कॉलोनी, दीदार नगर, कल्याण नगर सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव हो गया। हालांकि रात को बारिश होने के कारण व सुबह से मौसम साफ रहने से जलभराव कुछ कम हो गया और वाहन चालकों को अधिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा, इसके बावजूद अनेेेकों कॉलोनी से लेकर सेक्टरों की सड़कें भी दिन भर पानी से लबालब रही। वहीं खेतों में भी पानी जमकर बरसा और तेज हवाओं के चलते धान की सफल बिछ गई, जिससे भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
धान के उत्पादन व गुणवत्ता पर पड़ेगा असर
शिकायत देने पहुंचे किसान रणबीर सिंह, जय सिंह, प्रीतम व राजपाल आदि का कहना है कि बारिश से धान की फसल में जलभराव हो गया है तो तेज हवाओं से फसल बिछ गई है। इससे जहां उत्पादन कम रहेगा तो धान काली भी पड़ जाएगी, जिससे उसकी गुणवत्ता पर असर पड़ेगा। ऐसे में उन्हें भारी नुकसान होगा।
जिला सचिवालय जाने वाली मुख्य सड़क ही पानी में डूबी
जहां शहर के लोग पानी निकासी की समस्या को लेकर अनेकों बार प्रशासन से गुहार लगा चुके है वहीं जिला सचिवालय जाने वाली सड़क ही दिन भर पानी में डूबी रही। डीसी व अन्य अधिकारियों को फरीयाद लगाने के लिए लोगों को इस पानी से गुजरना पड़ा तो वहीं कुछ ही दिनों पहले यहां पानी निकासी के लिए किए गए प्रबंध भी ठप हो गए। इससे द्रोणाचार्य स्टेडियम भी तालाब बना रहा। बता दें कि विधायक सुभाष सुधा के आदेशों के बाद यहां से पानी निकासी का प्रबंध किया गया था, जो पहली बारिश भी नहीं झेल पाया।
थानेसर के 30 से अधिक किसानों ने दी फसल खराब होने की शिकायत
बारिश से जिले भर में 82 से अधिक किसानों की करीब 520 एकड़ धान की फसल खराब होने की आशंका जताई जा रही है। जहां थानेसर खंड से 30 से अधिक किसान शिकायत लेकर पहुंचे तो वहीं शाहाबाद व पिहोवा से 20-20 किसानों ने जलभराव व तेज हवाओं से फसल गिर जाने की शिकायत दी है। पिपली खंड से 12 शिकायतें विभाग के पास पहुंची है। हालांकि इन शिकायतों में कुछ दो दिन पहले हुई बारिश के चलते भी विभाग के पास पहुंची है। तीन दिन के दौरान विभाग को मिली उक्त शिकायतों के चलते अब विभाग ने संबंधित फसल बीमा कंपनी के साथ फसलों का सर्वे करने का भरोसा किसानों को दिया है।
बुधवार रात को यह रही खंड अनुसार बारिश
खंड------- बारिश एमएम
थानेसर---- 99
शाहाबाद--- 37
बाबैन--- 36
पिहोवा-- 10
लाडवा---9
इस्माईलाबाद--7
पहले यह हो चुकी है बारिश
28 जुलाई को भी थानेसर में 67 एमएम, शाहाबाद में 60 एमएम, लाडवा में51 एमएम व बाबैन में 36 एमएम बारिश हुई थी। इससे पहले दिन 27 जुलाई को ही थानेसर में 73 एमएम, शाहाबाद में 58 एमएम, लाडवा में 42 एमएम व बाबैन में 57 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। बुधवार रात को हुई बारिश इस बार सीजन में सबसे तेज बारिश मानी जा रही है।
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शुक्रवार के बाद फिर तीन दिन बारिश होने की संभावना है। किसानों को चाहिए कि वे फसल में अधिक पानी जमा न होने दें, इसके लिए प्रबंध करें। बारिश व फसल गिर जाने से फसल खराब होने की शिकायतें पहुंची है, जिस पर संबंधित बीमा कंपनी व विभाग की टीम द्वारा सर्वे किया जाएगा और पूरी रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजी जाएगी।
डॉ. कर्मचंद, उपनिदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग।