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-सुबह अल्टीमेटम, सायं को चक्का जाम

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अमर उजाला ब्यूरो
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कुरुक्षेत्र।
सुबह रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर बैठक की तो डिपो महाप्रबंधक को सायं तक मांगें पूरी होने का अल्टीमेटम दिया, लेकिन सांय तक मांगें पूरी नहीं हो पाई तो डिपो कर्मचारी हड़ताल पर उतर आए और चक्का जाम कर जमकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों द्वारा उठाए गए इस कदम से रोडवेज प्रशासन में भी एकाएक हड़कंप सा मच गया तो रोष जता रहे कर्मचारियों को मनाने के लिए भी भरसक प्रयास किए गए। वहीं अचानक बसें बंद हो जाने से बस अड्डे पर खड़े सैकड़ों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। उन्हें बिना बस के ही बैरंग लौटना पड़ा तो यात्रियों के समक्ष देर सायं हड़ताल होने के कारण अपने गंतव्य तक जाने के लिए मुश्किल खड़ी हो गई। यात्रियों ने बस अड्डे के बाहर आकर आटो व दूसरे निजी वाहनों का सहारा लिया तो अनेक यात्री ट्रेन से सफर करने के लिए रेलवे स्टेशन की ओर रवाना होने के लिए मजबूर हुए।
इससे पहले सुबह रोडवेज कर्मियों की दोनों यूनियन की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता प्रधान राजेश गोयल व नवीन शर्मा ने संयुक्त रूप से की। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश भर के डिपो में अस्थाई कर्मचारियों को कंफर्म कर दिया गया है तो वहीं बकाया ओवरटाईम का भुगतान भी कर दिया गया, लेकिन कुरुक्षेत्र डिपो महाप्रबंधक अड़ियल रवैया अपनाए हुए है और उनकी जायज मांगों को भी दरकिनार कर रहे है। इसी के चलते ही 28 अगस्त को भी अल्टीमेटम दिया गया था, जिस पर डिपो महाप्रबंधक ने 5 सितंबर को दोनों यूनियन को बातचीत के लिए बुलाया। उन्हें आश्वास्त किया था कि 6 सितंबर को सांय पांच बजे तक उनकी मांगों को पूरा कर दिया जाएगा। इसके बावजूद सुबह भी बैठक में फिर से अल्टीमेटम दिया गया और सांय तक मांगे पूरी न होने के चलते उन्हें हड़ताल पर जाने को मजबूर होना पड़ा। हड़ताल करने के बाद भी कर्मचारियों ने जमकर प्रदर्शन किया तो डिपो महाप्रबंधक के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान माया राम उनियाल, प्रेम सिंह चोरकारसा, अरूण अत्री, राजपाल, दलजीत राणा, प्रदीप शर्मा, जरनैल सिंह, रामकुमार, पवन कुमार, ओमप्रकाश, देवेंद्र शर्मा सहित भारी संख्या में रोडवेज कर्मी शामिल रहे।
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मनाली सहित लंबे रूट व स्थानीय रूटों की बसें भी की बंद
कड़ा रोष जताते हुए रोडवेज कर्मियों ने करीब पांच बजे बस अड्डे पर जितनी भी बसें चलने को तैयार थी, उन्हें रोक दिया। इनमें मनाली सहित कई लंबे रूट तो कई स्थानीय रूटों पर जाने वाली बसें भी शामिल थी। इस दौरान कई बसों में तो यात्री भी सवार थे और उन्हें भी बसें न चलने पर उतर कर जाने को मजबूर होना पड़ा। वहीं सात सितंबर को भी पूर्ण हड़ताल किए जाने के दावे कर्मचारी नेता करते रहे।
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बसें बंद होने से विद्यार्थियों को हुई बड़ी समस्या
विभिन्न शिक्षण संस्थानों में आसपास के गांवों व शहरों से पढ़ने के लिए आने वाले सैंकड़ों छात्र - छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। उसी समय छुटटी होने के बाद वे अपने-अपने घरों के लिए रवाना होने बस अडडे पर गए थे। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में पढने वाले छात्र कर्ण सिंह ने बताया कि बसों के बंद हो जाने से अब घर कैसे जाया जाएगा, यह समझ नहीं पा रहे है। अनेकों रूटों पर निजी वाहन भी नहीं मिलते।
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लोगों को परेशान करने को कर रहे हड़ताल: जीएम
जीएम रोहताश वर्मा का कहना है कि कर्मचारियों की अधिकतर मांगों को पूरा कर दिया गया है जबकि दो-तीन मांगें है, जिनके बारे में उच्चाधिकारियों को मामला भेजा गया है। इससे कर्मचारियों को अवगत करवा दिया गया है, लेकिन कर्मचारी अपने वादे से ही मुकर रहे है और लोगों को परेशान करने के लिए हड़ताल पर उतरे है। जल्द ही समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।
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