न...न करते हाईपावर कमेटी से बातचीत को मानी कुंटिया
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
कुंटिया की हड़ताल से केयू के कामकाज पर असर और विद्यार्थियों ने जितनी परेशानी झेलनी पड़ी थी। अब उन्हें ऐसी ही परेशानी से सोमवार को भी रूबरू हो पड़ सकता है। हालांकि, इस बीच केयू अथॉरिटी ने एक जनवरी 2018 को गठित की गई तीन सदस्यीय हाईपावर कमेटी के साथ कुंटिया नेताओं की बातचीत के दौरान हड़ताल पर विराम लगने के संकेत भी मिल रहे हैं। बता दें कि कुंटिया नेताओं ने हाईपावर कमेटी के रविवार को होने वाली बैठक का प्रस्ताव ठुकराये जाने के बाद आखिरकार मान लिया है। इसकी पुष्टि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी गैर शिक्षक कर्मचारी संघ (कुंटिया) के अध्यक्ष राम कुमार गुर्जर और पूर्व कुंटिया अध्यक्ष सुनील कक्कड़ ने की है।
हाईपावर कमेटी के सदस्य प्रोफेसर श्याम कुमार ने भरोसा जताया कि रविवार को डिमांड चार्टर को लेकर कुंटिया नेताओं होने वाली बातचीत में सभी समस्याओं का हल हो जाएगा। इसके बाद सोमवार को कामकाज प्रभावित नहीं होगा। बताया जा रहा है कि रविवार को तीन बजे कमेटी रूम में हाईपावर कमेटी और कुंटिया नेताओं के बीच डिमांड चार्टर पर बातचीत होगी। कुंटिया के अध्यक्ष रामकुमार गुर्जर ने बताया कि रविवार को हाईपावर कमेटी से बातचीत के बाद भी यदि कुलपति उनकी समस्याओं का हल करते हैं तो सोमवार को कर्मचारियों से बातचीत के बाद हड़ताल समाप्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनके डिमांड चार्टर में ऐसा कोई मामला नहीं है, जिसे कुलपति स्तर पर पूरा नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि वीरवार को डिमांड चार्टर में शामिल चिल्ड्रन एजुकेशन एलाउंस, एलटीसी, एआर, डीआर और अन्य पदों पर प्रमोशन सहित अन्य मांगों को लेकर कुंटिया ने हड़ताल बिगुल बजा दिया था। इसके अगले तीन दिनों में शुक्रवार को गुरुगोबिंद सिंह जयंती, शनिवार और रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी खुलेगी।
कमेटी के साथ बैठक केयू कर्मियों से धोखा : भारतभूषण
कुंटिया के एक महत्वपूर्ण धड़े के प्रमुख नेता भारतभूषण का कहना है कि यदि रविवार को हाईपावर कमेटी और कुंटिया पदाधिकारियों की बैठक होती है तो यह कर्मचारियों के साथ धोखा होगा। क्योंकि, पिछले दिनों में हाईपावर कमेटी से बातचीत को इसीलिए बार-बार ठुकराया गया था, क्योंकि कुलपति से सीधे बातचीत करके समस्याओं का हल कराने का फैसला कार्यकारिणी की बैठक में हुआ था। कुंटिया के पूर्व महासचिव भारत भूषण का कहना है कि यदि रविवार को हाईपावर कमेटी के साथ बैठक होती है, तो यह कुंटिया नेताओं का केयू कर्मचारियों के साथ धोखा देने जैसा होगा।
बगैर बातचीत कैसे होगा समस्याओं का हल : कक्कड़
कुंटिया के पूर्व अध्यक्ष सुनील कक्कड़ ने इस बात की पुष्टि की है कि रविवार को तीन बजे कमेटी रूम में कुंटिया के अध्यक्ष रामकुमार गुर्जर और महासचिव नीलकंठ शर्मा के अलावा अन्य पदाधिकारी केयू अथॉरिटी द्वारा गठित हाई पावर कमेटी से डिमांड चार्टर पर बातचीत करेंगे। अंतिम समझौता कुलपति से बातचीत होने के बाद ही होगा। कक्कड़ ने बताया कि कुछ देर पहले ही उनकी कुंटिया अध्यक्ष रामकुमार गुर्जर और महासचिव नीलकंठ शर्मा ने उन्हें बैठक के बारे में जानकारी दी है। लेकिन, पूर्व महासचिव भारत भूषण के सवाल पर कक्कड़ ने कहा कि बगैर बातचीत किए समस्याओं का हल नहीं निकल सकता। हड़ताल चाहे 10 दिन तक चले, लेकिन आखिरकार उसके बाद भी समस्याओं का हल बातचीत से निकलता है।
कई मांगें मानीं, मगर बातचीत का प्रस्ताव ठुकराया : वीसी
केयू के कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा के मुताबिक डिमांड चार्टर पर गौर करते हुए एक हाईपावर कमेटी गठित की थी। इसमें प्रो. डॉ. श्याम कुमार, प्रो. आरके देसवाल और फाइनेंस ऑफिसर डॉ. हरजीत सिंह को शामिल किया गया था, लेकिन कुंटिया नेताओं के पास बातचीत का प्रस्ताव भेजे जाने के बावजूद वे बातचीत के लिए आगे नहीं आए। उन्होंने बताया कि हड़ताल से पहले और अब तक कई बार ऐसा हो चुका है। उन्होंने बताया कि हड़ताल से पहले ही कुंटिया की दो प्रमुख मांगें पूरी की जा चुकी हैं। डिमांड चार्टर में चिल्ड्रन एजुकेशन एलाउंस को पूरा करते हुए खाते में पैसा जा चुका है। दिसंबर में ही एलटीसी के लिए फाइल को हरी झंडी दी जा चुकी है, सातवें वेतन आयोग की मांग पूरी जा चुकी है। केयू की आर्थिक स्थिति इस समय एरियर देने की नहीं है। कुंटिया नेताओं को सरकार से ग्रांट मिलने के बाद तमाम कर्मचारियों का एरियर देने की बात पहले ही कही जा चुकी है। बताया गया है कि केयू कर्मचारियों का यह एरियर सात करोड़ से अधिक बनता है। यदि एरियर की राशि दी गई तो वेतन देने में भी दिक्कत हो सकती है।
कमेटी को कुंटिया की कभी हां, कभी न
डिमांड चार्टर पर बातचीत के लिये एक जनवरी को हाईपावर कमेटी गठित
दो जनवरी को कमेटी ने बुलाया बातचीत भी हुई
तीन जनवरी को भी बुलाया, लेकिन बात करने से इंकार कर दिया
चार जनवरी को भी बुलाया, कुंटिया का इंकार
पांच जनवरी को बातचीत हुई, लेकिन नहीं निकला हल
छह जनवरी को फिर बुलाया, कुंटिया ने किया इंकार
अब सात जनवरी को कमेटी और कुंटिया होगी बातचीत