अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
दशमेश पिता गुरु गोबिंद सिंह का जीवन आदर्शों से भरा रहा। देश, कौम और धर्म के लिए सारा परिवार कुर्बान कर गुरु साहिब ने राष्ट्र भावना की अनोखी मिसाल पेश की। अपने पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए चारों साहिबजादों ने भी जीवन का बलिदान दिया। गुरु साहिब के आदर्शों और शिक्षाओं को जीवन आत्मसात करना ही, उनके प्रति सच्ची श्रद्धा है। यह विचार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबधंक कमेटी श्री अमृतसर के मैंबर जत्थेदार हरभजन सिंह मसाना ने व्यक्त किए। वे साहिब-ए-कमाल गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश उत्सव पर ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी में सजाए गए धार्मिक दीवान में संगत से रूबरू हो रहे थे।
उन्होंने संगत से आह्वान किया कि वे बच्चों को गुरु इतिहास से परिचित करवाएं और उन्हें आदर्श नागरिक बनने के लिए प्रेरित करें। धर्म प्रचार कमेटी के मैंबर तजिंदरपाल सिंह ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह ने सारा जीवन अन्याय और अधर्म के खिलाफ आवाज बुलंद करने में लगा दिया। उन्होंने अत्याचार के खिलाफ हथियार उठा कर इंसानियत के दुश्मनों को सबक सिखाया। हमें अपने बच्चों को उनकी और साहबजादों की बहादुरी के किस्से सुनाने चाहिए। इससे हमारी भावी पीढ़ी देश और कौम के लिए काम कर देश के दुश्मनों को शिकस्त दे सके। कार्यक्रम के दौरान मंगल सिंह सल्पानी ने दशमेश पिता के जन्म का प्रसंग सुना कर संगत को गुरु इतिहास से जोड़ा। जसवंत सिंह ढाडी जत्थे ने सरबंसदानी के जीवन से जुड़े कई प्रसंग अपनी रचनाओं के माध्यम से पेश किए। इस दौरान भारी संख्या में संगत ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष शीश नवा कर गुरु साहिब को याद किया। गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी के हेड ग्रंथी ज्ञानी अमरीक सिंह ने गुरु चरणों में अरदास की। मैनेजर अमरिंदर सिंह ने भी संगत को प्रकाश उत्सव पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में सब ऑफिस प्रभारी परमजीत सिंह दुनियामाजरा, राजेंदर सिंह सोढी, कर्मबीर सिंह कंग, जरनैल सिंह बोढी ने भी विशेष रूप से हाजिरी भरी। मैनेजर अमरिंदर सिंह ने सभी अतिथियों को सिरोपा भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
छोले-कुलचे का लगाया लंगर
प्रकाश उत्सव पर गुरु घर में सेवा करते हुए संगत ने छोले-कुलचे का लंगर लगाया। संगत ने सोमवार सुबह से ही यह सेवा शुरू कर दी थी। दोपहर बाद तक छोले-कुलचे का लंगर बरताया गया। इसके अलावा जलेबी का लंगर लगाकर संगत ने गुरु घर में सेवा की। लंगर हाल में भारी संख्या में संगत ने प्रसाद ग्रहण किया।