अग्रवाल समाज में एकता और सौहार्द के लिए कमेटी गठित
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
रेलवे रोड अग्रवाल धर्मशाला में अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें समाज के प्रमुख लोगों ने श्री वैश्य अग्रवाल पंचायत के निलंबित सदस्यों की जिला रजिस्ट्रार फर्म एवं सोसायटी द्वारा बहाली के बाद कार्यवाही के लिए विचार किया। समाज के वरिष्ठ नागरिक रतन बंसल ने बताया कि बैठक के उपरांत समाज के प्रमुख नागरिकों की एक कमेटी का गठन किया गया था। यह कमेटी अग्रवाल समाज में एकता तथा सौहार्द बनाए रखने के लिए कार्य करेगी। साथ ही कमेटी के सदस्यों की यह जिम्मेदारी भी होगी कि जिला रजिस्ट्रार द्वारा 15 दिसंबर को दिए गए फैसले को लागू करवाने के प्रयास किए जाएं।
श्री वैश्य अग्रवाल पंचायत के मामले में अपीलकर्ता चंद्रभान गुप्ता ने बताया कि इस बैठक में श्री वैश्य अग्रवाल पंचायत के उप प्रधान सुशील सिंगला से बैठक बुलाने का आग्रह किया गया है। उल्लेखनीय है कि जिला रजिस्ट्रार ने चंद्रभान गुप्ता और अन्य की अपील पर निर्णय देते हुए वैश्य अग्रवाल पंचायत के 52 निलंबित सदस्यों की सदस्यता 15 दिन में बहाल कर दी गई थी। साथ ही दो माह में प्रधान पद का चुनाव करवाने के निर्देश दिए गए थे। अपने निर्णय में रजिस्ट्रार ने मृतक सदस्यों को छोड़कर 66 मूल सदस्यों द्वारा ही प्रधान पद का चुनाव कराने के आदेश दिए थे। इस निर्णय में जिला रजिस्ट्रार ने कहा कि पहले घोषित प्रधान पद के चुनाव में प्रथम दृष्टि में पाया गया कि वैश्य अग्रवाल पंचायत के नियमों और सोसायटी अधिनियम 2012 के प्रावधानों के अनुरूप चुनाव नहीं करवाया जा रहा था। इसलिए उन्होंने 26 सितंबर 2017 के आदेश में चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाई थी। श्री वैश्य अग्रवाल पंचायत ने स्टे को समाप्त कराने के लिए स्टेट रजिस्ट्रार के पास अपील की थी। इसे माना नहीं गया। अपने निर्णय में जिला रजिस्ट्रार ने प्रशासक और एमएल गुप्ता के हस्ताक्षरों से बनाए गए बाई लॉज को अवैध करार दिया था। कहा था कि यह बाई लॉज कानून की नजरों में कोई मायने नहीं रखते हैं, क्योंकि सोसायटी अधिनियम 2012 के अनुसार प्रशासक को किसी भी संस्था के नियम या बाई लॉज बनाने का कोई अधिकार नहीं है। निर्णय में जिला रजिस्ट्रार ने स्पष्ट किया कि प्रधान पद के चुनाव के लिए तैयार की गई वोटर लिस्ट सोसायटी अधिनियम 2012 के अनुरूप नहीं बनाई गई है। न ही चुनाव अधिकारी की नियुक्ति अधिनियम के अनुसार की गई। निर्णय के अनुसार सदस्यों को उनकी सदस्यता के बारे में फैसला लेते समय उन्हें अवसर प्रदान नहीं किया गया था। साथ ही 52 सदस्यों को सोसायटी अधिनियम 2012 के प्रावधानों की पालना किए बिना निलंबित कर दिया गया। जिला रजिस्ट्रार ने वैश्य अग्रवाल पंचायत को आदेश देते हुए कहा कि प्रधान पद का चुनाव सोसायटी अधिनियम के अनुसार दो माह में नियामवली से कराया जाए। इसकी वीडियोग्राफी भी करवाई जाए। साथ ही सोसायटी की वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाए। इस फैसले के बाद पंचायत के 52 निलंबित सदस्यों की यह बैठक बुलाई गई थी, ताकि समाज में एकता बनी रहे। इस बैठक में समाज में एकता और सौहार्द बनाए रखने के बारे गंभीरता से विचार विमर्श किया गया। बैठक में समाज के वरिष्ठ नागरिकों रतन बंसल, अमीर चंद गोयल, एससी बंसल, आरडी गोयल, डॉ. पवन गोयल, अशोक गोयल, गोपाल दास पाली, अशोक बंसल, विपिन अग्रवाल, डॉ. शशि मित्तल, वीरेंद्र गर्ग, श्याम लाल गर्ग, शशिकांत जैन, राम कुमार गोयल, संजय गोयल, सोहन लाल अग्रवाल, डॉ. दीक्षित गर्ग, सत प्रकाश गुप्ता, सुभाष गर्ग आदि ने अपने विचार रखे। इस बैठक में राजन गुप्ता, जंगबहादुर सिंगला, आरसी मित्तल, शिव कुमार एडवोकेट, सत्य प्रकाश गुप्ता एडवोकेट, सुरेश गर्ग, संत लाल अग्रवाल, मुकेश मित्तल, प्रदीप गर्ग, बाल किशन गुप्ता, चेला राम मित्तल, ओम प्रकाश तायल, मित्रसेन गुप्ता, भूषण मंगला, केवल कृष्ण गोयल, संदीप गर्ग, कपिल मित्तल, सुशील मित्तल, सुभाष गर्ग, अजय गोयल, योगेश गर्ग, विवेक गुप्ता, अशोक गर्ग, सोहन लाल ढांढ वाला, मुनीष मित्तल, विशाल सिंगला, विनय गुप्ता आदि मौजूद थे।