आए दिन हो रही हत्याओं से कुरुक्षेत्र दहल उठा है। हत्यारों को पुलिस का कोई खौफ नहीं है और वह बेखौफ घूम रहे हैं। बीते तीन दिनों में तीन हत्याओं से लोगों में दहशत है। हालात इतने पेचीदा हो चुके हैं कि पिछले सात माह में आपसी रंजिश एवं मामूली कहासुनी होने पर ही 12 लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया, लेकिन पुलिस अधिकतर हत्यारों को काबू कर पाने में असमर्थ है। वीरवार को पिहोवा के पृथूदक पार्क में मामूली कहासुनी पर हलवाई की हत्या कर दी गई। शुक्रवार देर रात को चचेरी बहन पर टिप्पणी करने पर विवाद में एचडीएफसी बैंक अधिकारी राकेश कुमार की तेजधार हथियार से हत्या की गई। वहीं बीड़ पिपली स्थित सरस्वती नदी में हत्या कर पत्थर बांधकर फैसा सांपला निवासी रवि का शव मिलने से जिलेभर में दहशत है।
पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जनवरी 2019 से अब तक आपसी रंजिश एवं मामूली कहासुनी होने 12 लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया। 24 जनवरी को थानेसर के धर्मबीर की हत्या की गई। 15 मार्च को अज्ञात व्यक्ति को रस्सी से गला घोटकर मौत के घाट उतारा गया। 2 मई को गांव गुढ़ा निवासी मनदीप की हत्या, 20 मई को केयू परिसर में छात्र नेता अनीश बंसल पर जानलेवा हमला किया गया था, जिसके बाद अनीश ने पीजीआई चंडीगढ़ में 22 मई को दम तोड़ दिया था। 30 मई को झांसा निवासी महिंद्र सिंह की हत्या, 9 जून को बाबैन के मदन पाल की हत्या, 11 जून को करनाल के अरविंद की पिहोवा क्षेत्र में हत्या हुई। इसके पश्चात 3 जुलाई को ढांड रोड पर व्यापारी संदीप गर्ग पर दिन दहाड़े फायरिंग कर मौत के घाट उतारा था। यही नहीं 31 जुलाई को शाहाबाद क्षेत्र में 40 वर्षीय व्यक्ति की हत्या, 8 अगस्त को मामूली कहासुनी होने पर पिहोवा के पृथूदक पार्क में ध्यान सिंह हलवाई की हत्या, 10 अगस्त को सेक्टर-13 के मकान में एचडीएफसी बैंक अधिकारी राकेश कुमार की हत्या और 11 अगस्त को हत्या को अंजाम देकर पत्थर से बांधकर बीड़ पिपली स्थित सरस्वती नदी में शव मिलने से सनसनी फैल गई। अगर 2018 के आंकड़ों पर बात करें तो 17 लोगों को अलग-अलग तरह से वारदातों को अंजाम देते हुए मौत के घाट उतारा गया। 15 दिसंबर को पिता ने अपनी ही पुत्री रूबल की गोलियां मारकर हत्या की थी। 21 जून को शाहाबाद के गांव चढूनी जटान में नशेड़ी बेटे ने पहले कस्सी से मां स्वर्णजीत कौर और फिर घर के आंगन में सो रहे पिता श्योराम पर कुल्हाड़ी से वार कर मौत के घाट उतारा था। इनमें से ज्यादातर मामलों में पुलिस जांच तक ही सीमित हैं।
युवक पर फायरिंग मामले में मात्र एक की हुई गिरफ्तारी
बाबैन में 23 जुलाई को बाइक सवार युवक कोमल जीत सिंह पर फयारिंग मामले में पुलिस अब तक एक आरोपी को गिरफ्तार कर पाई है, जबकि पुलिस ने शिकायत के आधार पर शराब माफिया अंग्रेज सिंह सहित पांच युवकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
राकेश व रवि हत्याकांड में के आरोपी नहीं पकड़े गए
सांवला निवासी रवि और कैथल के गांव कसान निवासी राकेश हत्याकांड में पुलिस अब तक किसी भी हत्यारोपी को काबू नहीं कर सकी। पुलिस के मुताबित राकेश हत्याकांड मामले में सीआईए सहित चार टीमें गठित की गई है, जो हत्यारोपियों के पैतृक गांव सहित अन्य ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। वहीं रवि हत्याकांड मामले में पिपली थाना सहित सीआईए व एंटी नारकोटिक सैल की चार टीमें जांच में जुटी हुई है। बता दें कि पहले रवि की हत्या किसी रस्सी या कपड़े से गला घोटकर की गई है। हत्या के पश्चात उसके हाथ व पैर पत्थर से बांधकर शव को सरस्वती नदी में फैंका गया है। सिटी थाना प्रभारी सुभाष चंद्र ने कहा कि पुलिस को राकेश हत्याकांड मामले में हत्यारोपियों के बारे में कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं, पुलिस की विभिन्न टीमें ल्द ही हत्यारोपियों को काबू करेंगी।
हत्या में शामिल दोषियों को नहीं जाएगा बख्शा : आस्था मोदी
पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी ने कहा कि पिछले तीन दिनों में हुई तीन हत्याएं आपसी रंजिश व विवाद के कारण हुई हैं। कई व्यक्ति अधिक शराब के नशे में अपना आपा खो बैठते हैं और मामूली कहासुनी होने पर एक-दूसरे पर जानलेवा हमला कर देते हैं। हत्या में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस सभी मामलों में गहनता से जांच कर रही है। सभी मामलों को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।