अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
सांसद राजकुमार सैनी ने कहा है कि दलित समुदाय शिक्षित तो हुआ है मगर संगठित नहीं। यही कारण है कि दलित आज भी पिछड़े हुए हैं। शिक्षित होकर संगठित होने की जरूरत के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता लानी होगी। पूर्व की सरकारों ने दलितों के नाम पर वोट तो ले लिए लेकिन किसी ने भी उनके हकों और कठिनाइयों की ओर ध्यान नहीं दिया। इसके लिए दलित समाज भी दोषी है जो केवल आरक्षण तक ही सिमटकर रह गया है। वे शनिवार को देर सायं पिपली रोड पर स्थित एक निजी पैलेस में भारतीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित दलित साहित्यकार एवं अधिकार सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का सपना तभी साकार होगा जब दलित समुदाय एक बैनर के नीचे एकत्रित होकर अपने हकों के लिए आवाज बुलंद करेगा। लाडवा विधायक डॉ. पवन सैनी ने कहा कि लाडवा विधान सभा क्षेत्र के प्रत्येक गांव में ज्योतिबा फूले लाइब्रेरी की स्थापना करके वहां डॉ. भीमराव अंबेडकर का साहित्य रखा गया है। अकादमी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सोहनपाल सुमनाक्षर ने कहा कि समाज के लोगों में एकजुटता की कमी के कारण दलित पिछड़ते जा रहे हैं। हमें शिक्षित होने के साथ-साथ संगठित होने की जरूरत है। अकादमी के प्रदेशाध्यक्ष रमेश डीगवाल ने कहा कि यह सम्मेलन एक नई दिशा देगा। हिमाचल के पूर्व डीजीपी पृथ्वीराज पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. एमएल रंगा, पूर्व सेवानिवृत आइएस अधिकारी डॉ. आरबी लांग्यान, अकादमी के प्रदेश संगठन सचिव, गुरदयाल सिंह मोरथला, प्रदेश महासचिव जरनैल सिंह रंगा, दिल्ली प्रदेशाध्यक्ष राजमल, राजस्थान के अध्यक्ष स्वामी आत्माराम उपाध्याय, बिहार से प्रदेश सचिव कमला देव ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। इस मौके पर अकादमी की ओर से समाज के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सम्मेलन का मंच संचालन डॉ. सुरेंद्र सेलवाल ने किया। इस अवसर कृष्णलाल थोगला, गुरप्रीत भारती, दयानंद खिच्ची, रामपाल, अर्जुन सिंह, बलजीत सिंह फौजी, जयपाल जेइ, बलजीत चंदेल, अशोक कुमार, प्रमिल कुमार, फूल सिंह, सुरेश कुमार, वीरेंद्र राय, सोहन लाल, हेमंत मान, अमर सिंह मलोली, नरेंद्र धूमसी, ओमप्रकाश रत्नगढ़, गुरदयाल रत्नगढ़, संजीव सुरमी, जसबीर सिंह, बीर सिंह बोहली, निर्मल, धर्मपाल भोला, गुलाब सिंह, नरेश अजराणा आदि मौजूद रहे।