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Kurukshetra News: बदले पैटर्न में आसान लगा गणित का पेपर, कुछ उलझ भी गए

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पानीपत। सीबीएसई के नए पैटर्न पर पहली बार परीक्षा हुई। 10वीं के गणित का पेपर आसान रहा। परीक्षार्थी भी समय पर हल कर पाए। इन सबके बीच कुछ प्रश्नपत्र में उलझकर रह गए। शिक्षकों ने इसे अन्य वर्षों की अपेक्षा सही माना है।
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की नए पैटर्न पर 10वीं और 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा मंगलवार को शुरू हो गईं। पहले दिन 10वीं का गणित व 12वीं का बायोटेक्नोलॉजी विषय का पेपर रहा। जिले में 17 केंद्रों पर करीब 14,600 परीक्षार्थी ने परीक्षा दी। इनमें 10वीं के 7600 और 12वीं के लगभग सात हजार परीक्षार्थी रहे। परीक्षा सुबह 10:30 से दोपहर बाद 1:30 बजे तक चली। परीक्षार्थियों सुबह 10 बजे से पहले केंद्र पर पहुंचना शुरू हो गए। अधिकतर परीक्षार्थी आत्मविश्वास के साथ केंद्र पर पहुंचे जबकि कुछ घबराए हुए थे। हालांकि परीक्षा समाप्ति के बाद परीक्षार्थियों के चेहरे पर संतोष नजर आया। अधिकांश छात्रों ने पेपर को संतुलित और पाठ्यक्रमानुसार बताया। जिला समन्वयक डॉ. अनु गुप्ता ने बताया कि सभी केंद्रों पर बोर्ड के दिशा-निर्देशों का पालन किया गया है। पहले दिन दोनों कक्षाओं की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

समझ-आधारित रहा गणित का पेपर
गणित विशेषज्ञों ने बताया कि इस वर्ष गणित का प्रश्नपत्र बदले हुए पैटर्न के अनुरूप कॉम्पिटेंसी-बेस्ड और एप्लिकेशन आधारित रहा। गणित स्टैंडर्ड का पेपर मध्यम से थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहा, जबकि गणित बेसिक अपेक्षाकृत सरल और एनसीईआरटी आधारित बताया गया। प्रश्न अवधारणाओं की गहरी समझ पर केंद्रित रहे। समय प्रबंधन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। सीबीएसई ने दो-बोर्ड प्रणाली में स्पष्ट किया कि कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में उपस्थित होना अनिवार्य है। जो छात्र तीन या अधिक विषयों में अनुपस्थित रहेंगे, उन्हें दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी। सुधार परीक्षा केवल पात्र विद्यार्थियों के लिए होगी।
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परीक्षा के बाद शिक्षकों व 10वीं के छात्रों की प्रतिक्रिया-
कोट्स फाेटो
संतुलित रहा पेपर
पेपर पूरी तरह समझ आधारित था। एप्लिकेशन और केस-स्टडी प्रश्नों ने सोचने पर मजबूर किया। एमसीक्यू थोड़े पेचीदा थे, लेकिन अभ्यास करने वालों के लिए पेपर संतुलित और स्कोरिंग रहा।



- लक्की, परीक्षार्थी।


कोट्स फोटो
पेपर कठिन नहीं था
प्रश्नों का वितरण नए ब्लूप्रिंट के अनुसार स्पष्ट था। सेक्शन ए में गहराई थी, जबकि शॉर्ट और लॉन्ग प्रश्न सीधे एनसीईआरटी आधारित थे। तैयारी मजबूत हो तो पेपर कठिन नहीं था।



- लक्ष्य, परीक्षार्थी।


कोट्स फोटो
रटने वाले प्रश्न कम थे



उसका बेसिक गणित का पेपर रहा। रटने वाले प्रश्न कम थे। अधिकांश सवाल दैनिक जीवन से जुड़े और अवधारणा आधारित थे। केस-स्टडी में समय लगा, लेकिन विकल्प मिलने से आत्मविश्वास बना रहा।



- उमंग, परीक्षार्थी।


कोट्स फोटो
पेपर मध्यम स्तर का था



उसका गणित स्टेंडर्ड का पेपर रहा। पेपर में कॉम्पिटेंसी-बेस्ड फोकस साफ नजर आया। एमसीक्यू में तार्किक क्षमता की जरूरत पड़ी। पेपर मध्यम स्तर का था, पर जल्दबाजी करने पर गलती संभव थी।



- चेष्टा, परीक्षार्थी।

कोट्स फोटो
कुछ प्रश्न घुमाकर पूछे गए
उसका बेसिक गणित का पेपर रहा। संरचना पहले से घोषित पैटर्न जैसी रही, जिससे घबराहट कम हुई। कुछ प्रश्न घुमाकर पूछे गए, खासकर अलजेब्रा और ज्योमेट्री से। कॉन्सेप्ट स्पष्ट हो तो पेपर हल करने योग्य था।

- साक्षी, परीक्षार्थी।




कोट्स फोटो
थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहा प्रश्नपत्र

गणित स्टैंडर्ड प्रश्नपत्र मध्यम से थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहा, जिसमें अवधारणा की स्पष्टता आवश्यक थी। वहीं बेसिक पेपर संतुलित और एनसीईआरटी आधारित रहा। नियमित अभ्यास और समय प्रबंधन करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह अच्छे अंक प्राप्त करने का अवसर है।

- शांतनु मित्तल, गणित शिक्षक, आर्य बाल भारती पब्लिक स्कूल।




कोट्स फोटो
विश्लेषण और तर्क पर रहा जोर

सीबीएसई ने वास्तव में कॉम्पिटेंसी-बेस्ड शिक्षा को लागू किया है। प्रश्नपत्र में रटने की बजाय विश्लेषण और तर्क पर जोर रहा। इससे छात्रों की वास्तविक समझ का मूल्यांकन संभव हुआ है। भविष्य में भी छात्रों को अवधारणात्मक तैयारी पर ध्यान देना चाहिए।
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- गीता, गणित शिक्षिका, आर्य बाल भारती पब्लिक स्कूल।
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