तीन साल, 1670 हादसे, 756 मौत, अधिकतर हादसे दोपहिया वाहनों के
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
जिले भर में लगातार सड़क हादसे बढ़ रहे है। इसमें मौत का आंकड़ा कम होने का नाम नहीं ले रहा। पिछले तीन वर्षों में जिले में हर साल सवा दो सौ से अधिक लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। साथ ही 500 से अधिक लोग जख्मी हुए है। इनमें सबसे अधिक हादसे दोपहिया वाहनों के हुए है, जिसमें 80 फीसदी से अधिक लोगों की जान सिर में चोट लगने से गई है। जान गंवाने वालों में से अधिकांश ने हेलमेट नहीं पहनी हुई थी। लोगों की बेशकीमती जान बचाने के लिए अमर उजाला ने अभियान शुरू किया है। इसमें हर कोई सहभागिता कर सकता है। लोगों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक किया जाना बेहद जरूरी है। इससे उनकी जान बचाई जा सकती है।
वर्ष 2017 में ही 596 सड़क हादसे हुए, 250 ने गंवाई जान
पुलिस में दर्ज मामलों पर नजर डालें तो वर्ष 2015 में जिला पुलिस ने सड़क हादसों के 564 मामले दर्ज किए थे। इनमें से 272 की मौत हो गई, तो 518 लोग जख्मी हुए। वर्ष 2016 में सड़क हादसों के 510 मामले दर्ज किए गए। इनमें 234 की जान गई, जबकि 536 लोगों को गंभीर चोटें आईं। वर्ष 2017 में जिला पुलिस ने सड़क हादसों के 596 मामले दर्ज किए। इनमें 250 लोगों की जान गई। साथ ही 599 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुए।
इसी वर्ष जनवरी में 22 और फरवरी में अब तक पांच की गई जान
इस वर्ष डेढ़ माह में ही 54 हादसे हो चुके है। इनमें करीब 27 लोगों की जान जा चुकी है। साल के पहले माह जनवरी में ही सड़क हादसों के 49 मामले सामने आए। इनमें 22 लोगों की मौत हो हुई, जबकि 39 लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इन हादसों में भी अधिकतर बाइक सवार ही शिकार हुए। फरवरी अब तक पाचं बड़े हादसे हुए हैं। इनमें शाहाबाद क्षेत्र में एक बाइक पर सवार तीन युवक और कुरुक्षेत्र में बाइक सवार ही एक पुलिस कर्मी की जान गई। उसके साथ बाइक पर सवार एक अन्य पुलिस कर्मी गंभीर रूप से घायल हुआ। इस्माईलाबाद में एक भाजपा नेता की कार की टक्कर से बाइक सवार की मौत हुई। अधिकतर हादसों में बाइक चालकों ने हेलमेट नहीं पहनी हुई थी। एक अन्य सड़क हादसे में पीडल्यूडी विभाग के एसडीओ की भी मौत हो गई। ब्राह्मण धर्मशाला और छात्रावास के प्रधान पवन शर्मा के इकलौत पुत्र की भी एक हादसे में दर्दनाक मौत हो चुकी है।
हेलमेट पहने तो बच सकता है परिवार और देश का नुकसान : सिंगला
समाज सेवी एवं प्रेरणा वृद्ध आश्रम के संचालक जयभगवान सिंगला का कहना है कि हर युवा परिवार एवं देश की संपत्ति है। किसी भी युवक की मौत हो जाना दोनों के लिए ही बड़ा नुकसान होता है। दोपहिया वाहन चालक हेलमेट पहन कर ड्राइव करें तो ये बेशकीमती जान बचाई जा सकती है। हर युवा देश और समाज के विकास में भागीदार होता है। वह बड़े से बड़ा योगदान दे सकता है। हर युवा को वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने की आदत डालनी चाहिए।
सिर की चोट से ही हो रहीं अधिकांश मौत : वशिष्ठ
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान मनोज वशिष्ठ का कहना है कि अधिकतर सड़क हादसों में मौत सिर में चोट लगने के कारण हो रही हैं। इनमें भी मरने वाले वह लोग ज्यादा होते हैं, जिन्होंने हेलमेट नहीं पहनी होती। हेलमेट पहनकर दोपहिया वाहन चलाए जाएं तो वाहन चालक की सुरक्षा बढ़ जाती है। हादसे में जान बच सकती है। हेलमेट पहनने से हादसे के समय सिर का बचाव रहता है। इससे जान जाने की संभावना कम हो जाती है। सभी दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट अवश्य ही प्रयोग में लाना चाहिए।
ट्रिपल राइडिंग और बिना हेलमेट ड्राइविंग हादसे को न्योता : देवेंद्र
जिला ट्रैफिक एसएचओ देवेंद्र कुमार का कहना है कि ट्रिपल राइडिंग और बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना सीधे तौर पर ही हादसे को न्योता देना है। अधिकतर वाहन चालक पुलिस के डर के चलते ही हेलमेट पहनते है, जबकि यह अपनी ही जान की सुरक्षा के लिए होता है। हेलमेट बेशकीमती जान बचा सकता है। इसके लिए सभी वाहन चालकों को हेलमेट प्रयोग करने की आदत डालनी चाहिए। उनका कहना है कि अब वाहन चालकों में कुछ जागरूकता दिखाई देने लगी है, लेकिन अभी भी वाहन चालकों को जागरूक करने की जरूरत है। अमर उजाला द्वारा शुरू किया गया अभियान भी तारीफ के काबिल है। इससे बड़े स्तर पर लोगों में जागरूकता आएगी। सड़क हादसों और उनमें होने वाली मौत के आंकड़ों में कमी आएगी।