अमर उजाला ब्यूरो
लाडवा।
गांव जैनपुर जाटान में रविवार को भारतीय किसान यूनियन की अध्यक्षता में महापंचायत का आयोजन किया गया। यह पंचायत गांव जैनपुर जाटान के लोगों के खिलाफ बिजली विभाग के पुलिस में दर्ज कराए गए मुकदमे को लेकर हुई थी। इसमें 18 गांवों के लोगों ने शिरकत की। कई आंदोलनों के साक्षी रहे गांव बाहर लाडवा-भादसों मार्ग पर वटवृक्ष के नीचे आयोजित महापंचायत की अध्यक्षता भाकियू के लाडवा ब्लॉक प्रधान बलजीत सिह जैनपुर द्वारा की गई।
महापंचायत में बिजली विभाग के जैनपुर जाटान वासियों पर झूठा केस दर्ज कराने की निंदा की गई। साथ ही इन्हें रद्द करने की मांग की गई। महापंचायत में धान के बचे अवशेष जलाने पर किसानों पर जुर्माना लगाने पर नाराजगी जताई। महापंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि गांव जैनपुर वासियों पर दर्ज झूठे मामले को रद्द नहीं किया गया, रात के समय गांवों में हो रही छापेमारी को बंद नहीं किया गया तो गांवों के लोग भाकियू के साथ मिलकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जेल भरो आंदोलन जैसा कदम उठा सकते हैं।
महापंचायत को संबोधित करते हुए भाकियू के प्रदेश कोषाध्यक्ष सुखविंद्र सिह भूखड़ी ने कहा कि बिजली कर्मचारियों ने गांव जैनपुर वासियों पर कराया केस सरासर झूठा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि इस झूठे मामले को रद्द नहीं किया गया तो भाकियू गांववासियों के साथ मिलकर इसका डटकर विरोध करेगी। ब्लॉक प्रधान बलजीत सिह जैनपुर ने कहा कि रात में बिजली कर्मचारियों के छापे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महापंचायत में फसलों के अवशेष जलाने वाले किसानों पर जुर्माना लगाने का विरोध किया गया। महापंचायत में लोगों ने कहा कि फसलों के अवशेष जलाना किसानों को मजबूरी है। जब तक सरकार और प्रशासन इसका कोई ठोस विकल्प नहीं देती, तब तक किसानों के पास फसलों के बचे हुए अवशेष जलाने के सिवाय कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने किसानों पर ज्यादती बंद नहीं की तो सरकार और प्रशासन को इसके परिणाम भुगतने होंगे।
ये रहे महापंचायत में उपस्थित
महापंचायत में मिहां सिह जैनपुर, बलजीत सिह जैनपुर, रामकुमार, सरपंच विकास कुमार, सुरेंद्र सिह, जंगेशर सिंह, साहब सिंह, रामपाल, जसेमर सिंह, प्रदीप कुमार, अजमेर सिंह बरोट, जस्सी बरोट, शिया राम, राजिंद्र, सुखविंद्र भूखड़ी, सतपाल नंबरदार बड़ाचपुर, अजमेर सिंह, चरण सिंह, ज्ञान सिंह ब्राहण, आशीष फौजदार, सतपाल बरोट, सुखदेव बपदा, बलजीत सिंह बडौंदी, अजमेर बूड़ा, मांगा राम बूढ़ा, टेक चंद, राजबीर गोविंदगढ़, फकीर चंद, शिव राम भूतमाजरा, ज्ञान सिंह भूतमाजरा, राजबीर, चंदा राम डूडा, तुलसी डूडा, मेहर सिह जैनपुर, लाल सिंह, रोशन लाल सहित जैनपुर जाटान, बड़ाचपुर, बरोट, मुरादनगर भूतमाजरा, बपदा, बपदी, बडौंदा, दबखेड़ा, निवारसी, बडौंदी, लाठी धनौरा, बूढ़ा, गोविंदगढ़, ब्राहण, डूडा, सौंटी आदि गांवों के लोग उपस्थित थे।
यह था मामला
गौरतलब है कि 26 सितंबर की रात नौ बजे बिजली विभाग की टीम ने गांव जैनपुर जाटान में बिजली चोरी रोकने के लिए छापा मारा था। गांववासियों ने बिजली विभाग की टीम का गांव में घुसने से पहले ही घेर लिया। इसके बाद टीम बिना छापे के लौट आई थी। घटना के तीन दिन बाद 28 सितंबर को लाडवा बिजली विभाग के एसडीओ शेखर मोहन ने पुलिस को शिकायत देकर गांव जैनपुर वासियों पर बिजली कर्मचारियों के साथ मारपीट आदि करने का केस दर्ज कराया था। इसके विरोध में 30 सितंबर को समस्त गांववासियों की बैठक गांव के शिव मंदिर में हुई थी। इसमें महापंचायत का निर्णय लिया गया था।