पुलिस से तंग आकर सदर बाजार निवासी एक 23 वर्षीय फोटोग्राफर ने फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। इससे नाराज परिजन युवक का शव लेकर एसपी कार्यालय पहुंच गये और धरने पर बैठ गये। मामले में एसपी ने दो आरोपी पुलिस कर्मचारियों को लाइन हाजिर कर दिया।
एसपी को दी गयी शिकायत में परिजनों ने सदर बाजार चौकी के इंचार्ज सहित चार पुलिस कर्मचारियों पर 50 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि लड़ाई झगड़े के मामले में पुलिस उसके बेटे दीपू को परेशान कर रही थी। तीन दिन पहले पुलिस उसके बेटे को उठाकर ले गई थी और मारपीट मामले से नाम हटाने के लिए रुपये मांग रही थी, जिससे तंग आकर दीपू ने फांसी लगा ली है। दीपू द्वारा सुसाइड करने के बाद परिजन दीपू को नागरिक अस्पताल के ट्रामा सेंटर में ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया इसके बाद वह एंबुलेंस में उसके शव को रखकर एसपी कार्यालय में पहुंच गए और सड़क पर रख दिया। यहां परिजनों ने पुलिस प्रशासन के प्रति जमकर रोष प्रकट किया। इसके बाद डीएसपी राजीव मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन परिजन पुलिस कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे। इसके बाद वह एसपी गंगाराम पूनिया से मिले, जिन्होंने तत्काल दो पुलिस कर्मचारी विक्रम और रविंद्र को लाइन हाजिर कर दिया। साथ ही मामले की जांच डीएसपी राजीव को सौंप दी है।
तीन दिन पहले ही आया था दिल्ली से
सदर बाजार निवासी दिव्या ने बताया कि उसका भाई दीपू 23 वर्षीय दिल्ली में पत्नी और एक बेटी के साथ रहता था। वह फोटोग्राफर था और तीन दिन पहले ही घर आया था। इससे पहले उनका एक लड़ाई झगड़े का मामला चल रहा था, जिसमें उसके दूसरे भाई अनुज का नाम था, लेकिन पुलिस उसके भाई दीपू को उठाकर ले गई और कहने लगी कि वह लड़ाई झगड़े के मामले में इसका नाम निकाल देंगे। आरोप है कि सदर बाजार चौकी इंचार्ज श्याम सुंदर, विक्रम वालिया, रविंदर और अशोक नाम के पुलिस वाले हैं जो बार-बार दीपू को फोन कर परेशान कर रहे थे।
वर्जन
सदर बाजार निवासी एक व्यक्ति ने फांसी का फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया है। परिजनों ने कुछ पुलिस कर्मचारियों पर उसे परेशान करने के आरोप लगाए हैं। एसपी के आदेश पर दो पुलिस कर्मचारियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है, जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
--- राजीव, डीएसपी करनाल
सदर बाजार निवासी दीपू ने अपने पारिवारिक कलह के चलते फांसी लगाकर जान दी है। इस मामले में किसी भी पुलिस कर्मचारियों से परेशान नहीं किया है और ना ही किसी ने पैसे मांगे हैं परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।
-श्याम सुंदर, सदर बाजार चौकी प्रभारी।