करनाल। पोक्सो एक्ट के मामले में अदालत में सुनवाई के बाद कोर्ट से बाहर आते ही युवक पर लड़की पक्ष के लोगों ने हमला बोल दिया। आरोप है कि युवक के वकील के चैंबर में भी आरोपियों ने तोड़फोड़ कर दी। साथ ही वकील को जान से मारने की धमकी दी। सूचना पर पहुंची सिविल लाइन पुलिस ने वकील की शिकायत पर पांच नामजद सहित 15-20 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
आरोपी युवक के वकील हरदेव ने बताया कि 2020 में असंध थाना क्षेत्र के एक गांव से पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया था, जिसमें लड़की के साथ गलत काम करने को शिकायत दी गई थी। वीरवार को अदालत में पहली सुनवाई थी। वकील के अनुसार, पीड़ित लड़की से जब जज ने मामले के बारे में पूछा तो उसने बताया कि मेरे साथ कोई गलत काम नहीं हुआ, लड़के का कोई कसूर नहीं है। सुनवाई के बाद लड़की को अदालत ने नारी निकेतन भेज दिया। उसके बाद जैसे ही लोग कोर्ट से बाहर आए, तो लड़की के परिजनों ने आरोपी युवक की पिटाई शुरू कर दी।
वकील ने बताया कि मैं कोर्ट परिसर से अपने चैंबर नंबर 721 में आ गया था। इसी दौरान हमला होने पर जान बचाने के लिए आरोपी युवक चैंबर में आ गया। तभी हाथों में डंडा लिए कुछ युवकों ने हमला करते हुए शीशे तोड़ दिए। तोड़फोड़ करते युवकों के बीच आरोपी युवक ने वकील की टेबल के नीचे छिपकर जान बचाई। इस दौरान कुछ वकीलों ने बीचबचाव किया। आरोप है कि हमला करने वालों ने वकील को भी जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की। इस संबंध में एसपी गंगाराम पुनिया के अनुसार शिकायत पर केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
पीड़ित युवक के वकील हरदेव के चैंबर में तोड़फोड़ और धमकी के बाद अन्य वकीलों ने भी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। एडवोकेट विकास पंवार और एडवोकेट शमशेर नैन ने कहा कि जब अदालत परिसर में वकील ही सुरक्षित नहीं हैं तो पीड़ितों को न्याय कैसे मिलेगा। उन्होंने मामले में पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।