गांववासियों ने युवा सरपंच के हाथों में कमान सौंपी, तो सरपंच ने भी गांव का नक्शा बदलने में देर नही लगाई। सरपंच और गांववासियों के सहयोग से आज तरावड़ी का सुल्तानपुर गांव आदर्श गांव के रूप में स्थापित हो रहा है, जोकि अन्य गांवों के लिए मिसाल बन रहा है। अन्य गांवों के लिए मिसाल बना गांव सुल्तानपुर एक तरफ जहां साफ-सफाई के मामले में सबसे आगे है तो वहीं गांव में मजबूत इंटरलॉकिंग सड़के भी गांव के विकास को ब्यां कर रही है। तरावड़ी के करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर गांव सुल्तानपुर की आबादी करीब 2500 है। अबकी बार ग्रामीणों ने समाजसेवी रमन चौहान को गांव की बगाडोर सौंपी तो गांव के सरपंच बनने पर रमन चौहान ने गांव में विकास कार्यों की झड़ी लगा दी।
पहली बार सरपंच बनने पर ही उनके द्वारा गांव में विकास कार्य करवाने के बाद कोई समस्या नहीं बची। गांव में 1970 में बना ऐतिहासिक मीठा छतरी वाला कुंआ जिसका पहले भी सौंदर्यीकरण नहीं हुआ था। उन्होंने उस मीठे छतरी वाले कुंए का भी इंटरलॉकिंग कलर टाइलों से सौंदर्यीकरण करवाया। सन 1970 से गांव की ऐतिहासिक धरोहर इस कुंए पर गांव में आज भी सबसे पहले कार्य की शुरूआत में पूजन किया जाता है। गांव में स्थित राजकीय उच्च विद्यालय में भी बचाखुचा निर्माण कार्य पूरा करवाया गया है। यहां पर स्कूल को फूलों की क्यारियों से सजाया गया है। गांव के उप स्वास्थ्य केंद्र का भी रख-रखाव करवाया गया है। जानकारी देते हुए गांव के सरपंच रमन चौहान ने बताया कि वह गांव के विकास के लिए प्रयासरत है। गांव में विकास कार्य प्राथमिकता से करवाए जा रहे है। सरपंच बनने के बाद उन्हें सरपंच एसोसिएशन नीलोखेड़ी का अध्यक्ष का पद भी मिला। इस अवसर पर उनके साथ पंडित रामेश्वर दयाल, विष्णू शर्मा, प्रवीण, अजमेर सिंह, हरफूल सिंह, गणेशी लाल, धनपत, रणबीर सिंह, सुनील दत्त, विनोद कुमार, रणधीर सिंह, राजेश कुमार मौजूद रहे।
स्वच्छ भारत अभियान से जोड़े ग्रामीण
स्वच्छ भारत अभियान को लेकर भी उन्होंने ग्रामीणों को जागरूक कर साफ-सफाई रखने का संकल्प दिलाया। गांव में हर कोई सबसे पहले सफाई को प्राथमिकता देते है। ग्रामीणों के सहयोग से ही गांव में साफ-सफाई व्यवस्था पहले नंबर पर है। सरपंच रमन चौहान ने बताया कि वह स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरित होकर गांव को स्वच्छ बनाने का बीड़ा उठाया गया है। अब गांव की हर गली में साफ-सफाई है।
खेल स्टेडियम और कम्यूनिटी सेंटर की उठाई मांग
सरपंच रमन चौहान ने बताया कि गांव में खेल स्टेडियम के साथ-साथ कम्यूनिटी सेंटर भी नही है। उन्होंने सरकार व विधायक से मांग की है कि गांव में खेल स्टेडियम व कम्यूनिटी सेंटर के बारे में विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि गांव में खेल स्टेडियम न होने के कारण खेल प्रतिभा को निखारने के लिए गांव में खिलाड़ियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यही नहीं गांव में सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रम करने के लिए कम्यूनिटी सेंटर की भी जरूरत है, जिसके लिए वह प्रयासरत है।