संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कर्णनगरी के इंद्री हलका के समौरा गांव का युवा मुक्केबाज रोहित कर्ण स्टेडियम में अपनी प्रतिभा को तराश रहा है। किसान परिवार से संबंध रखने वाला यह मुक्केबाज दिनभर खेती के कार्य के साथ-साथ सुबह व शाम को अभ्यास करता है।
रोहित ने बताया कि उन्होंने रिश्ते में अपने बड़े भाई सुनील पंवार की प्रेरणा से मुक्केबाजी शुरू की। वह करनाल के युवा मुक्केबाज निशांत देव को अपना आदर्श मानते हैं। कर्ण स्टेडियम में कई बार आकर निशांत देव युवा मुक्केबाजों को खेल की बारीकियां सीखते है। रोहित ने बताया कि उन्हीं के नक्शेकदम पर चलकर ओलंपिक में देश के लिए पदक लाना उनका मुख्य लक्ष्य है।
इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए वह सुबह व शाम को अभ्यास के दौरान जीतोड़ मेहनत कर रहा है। रोहित अपने मां-बाप का इकलौता बेटा है, उनके पिता किसान व मां गृहिणी है। अभिभावकों की प्रेरणा से ही वह मुक्केबाजी के गुर सीख रहा है। रोहित ने बताया कि जब वह पांचवीं कक्षा में था तो वह बेहतर धावक रहा है।
वह नहर की पगडंडी पर रोजाना दौड़ लगाता था, इस दौरान स्कूल में उसे पुरस्कार भी मिले है। वहीं एक बार स्कूल की ओर से जिला स्तर की कुश्ती प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिला। इसमें भी रोहित ने अपनी प्रतिभा दिखाई। अब वह कर्ण स्टेडियम में कोच सुरेंद्र चौहान, कीमत सिंह ने मार्गदर्शन में मुक्केबाजी के गुर सीख रहा है।