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Karnal News: एप से ऑनलाइन जान सकते हैं नया कानून

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- पुलिस जांच अधिकारी व वकील को बार-बार नहीं देखनी पड़ेगी कानून की किताब
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राकेश चौहान
करनाल। नए कानून लागू होने के बाद अब वकील, पुलिस जांच अधिकारी सहित किसी भी व्यक्ति को परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। अब कोई भी व्यक्ति कहीं भी नए कानून के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है। इसके लिए नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) एप बनाई गई है। जिसमें भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम तीनों कानूनों के बारे में पूरी जानकारी है।
इतना ही नहीं पुराने कानून भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की भी पूरी जानकारी है। जिसमें तुलनात्मक टेबल भी बनी है। जिसमें पुराने और नए कानून में अपराध पर लगने वाली धारा और उस धारा के तहत क्या सजा मिलेगी। यह सब जानकारी इस एप से माध्यम से ले सकते हैं। हालांकि पुलिस थाने में नए कानून का बुकलेट जारी किया गया है। ताकि जांच अधिकारी उस बुकलेट में देखकर अपराध के अनुसार धारा लगा सके। इस एप के आने से अब पुलिस जांच अधिकारी, वकील को बार-बार कानून की किताब नहीं उठानी पड़ेगी। वह एप में देखकर ही कार्रवाई कर सकता है। - संवाद
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एप ऐसे करें डाउनलोड
एंड्रॉयड मोबाइल के प्ले स्टोर में एनसीआरबी टाइप कर एप को डाउनलोड कर सकते हैं। एप को ओपन करने पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनियम तीनों कानून दिखाई देंगे। जिन्हें ओपन कर नया व पुराना कानून भी पढ़ सकते हैं।

670 जांच अधिकारियों को मिला प्रशिक्षण
नए कानून को लेकर जिले में करीब 670 जांच अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। जिसमें इंस्पेक्टर से नीचे सभी जांच अधिकारी शामिल हैं। प्रशिक्षण के बाद भी जांच अधिकारियों को अभी तक उलझनें आ रही हैं। इन उलझनों को दूर करने के लिए वह उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन ले रहे हैं। उलझनों का मुख्य कारण है कि नए कानून में धाराओं का सबसे बड़ा परिवर्तन हुआ है। इसलिए अपराध में धारा लगाने के लिए और आगामी कार्रवाई किस तरह करनी है उनमें परेशानियां आ रही हैं।

अभी भी पुरानी धाराओं में दर्ज हो रहे मामले
एक जुलाई से नया कानून लागू हो गया है लेकिन अभी भी कुछ मामले ऐसे हैं जो पुरानी धाराओं में दर्ज किए जा रहे हैं। उनके पीछे अधिकारियों का कहना है कि यह वे मामले हैं। जो एक जुलाई से पहले घटित हुए हैं या एक जुलाई से पहले ही उनकी शिकायत आई थी। इसलिए उन मामलों को आईपीसी की धाराओं के तहत दर्ज किया जा रहा है।
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नया कानून लागू हो चुका है, जिले में जांच अधिकारियों को भी प्रशिक्षण दिया गया है। इसके साथ ही ऑनलाइन एनसीआरबी एप के माध्यम से भी नए कानून के बारे में पढ़ा जा सकता है। इससे अलग नए कानून के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस ने अभियान चलाया है। पुलिस की टीमें आमजनों को भी नए कानून के बारे में बता रही है।
- नायब सिंह, मुख्यालय डीएसपी करनाल
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