- विभाग का दावा कटाव की स्थिति को रोकने के लिए काला पत्थर डाला, नहीं होगी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल/इंद्री।
यमुना का जलस्तर घटते ही करनाल जिले के कुंजपुरा क्षेत्र में शेरगढ़ टापू से मोदीपुर तक नदी किनारे तेज कटाव शुरू हो गया है। किसानों की कई एकड़ कृषि योग्य भूमि यमुना में समा गई है। फसल बर्बाद होने का खतरा है। किसानों का कहना है कि यमुना के पानी के साथ मिट्टी के कण ज्यादा आने से फसल खराब हो रही है।
चौगांवा, मुरादगढ़ के किसान राजेश, रमेश, सतपाल, नरेश, सुरेंद्र, जसबीर का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में बड़ी मात्रा में जमीन यमुना में समा सकती है। किसानों ने बताया कि अब तक उनकी करीब 60 एकड़ भूमि कटाव की चपेट में आ चुकी है। यमुना के किनारे पर 25 से 30 फीट अंदर तक कटाव हो चुका है। सिंचाई विभाग की टीम लगातार कटाव रोकने के कार्य में जुटी है। कटाव को रोकने के लिए पत्थर, मिट्टी के बैग और बड़े पेड़ डाले जा रहे हैं। पानीपत के एनएफएल से काला पत्थर मंगवाकर किनारों पर डाले जा रहे हैं। विभाग का कहना है कि कटाव रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
सिंचाई विभाग की टीमें लगातार कर रहीं निगरानी
यमुना के जलस्तर के निरंतर निगरानी के लिए सिंचाई विभाग की टीमें नदी किनारे के गांवों और कस्बों में भ्रमण कर रही हैं। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भी लगातार गश्त की जा रही है। टीमें चौगांवा, चंद्राव, गढ़ी बीरबल, शेरगढ़ टापू, ढाकवाला, लालूपुरा गांव का दौरा कर वर्तमान स्थिति का जायजा ले रही हैं। विभाग के अधिकारियों का दावा है कि यहां किसी भी तरह की आपातकाल स्थिति से निपटने के लिए हर जरूरी उपकरण व सामग्री मौजूद है।