संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बाढ़ संभावित क्षेत्र में यमुना का जलस्तर घटकर 30 हजार क्यूसेक से भी कम रह गया है। जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। रविवार को हथिनीकुंड बैराज से करीब दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ने पर सिंचाई व जिला प्रशासन की ओर से 20 गांवों व आस-पास के बाढ़ संभावित क्षेत्रों में अलर्ट घोषित कर दिया गया था। अब यमुनानगर के हथिनी कुंड बैराज से निचले इलाकों में अभी 32 हजार क्यूसेक पानी ही छोड़ा जा रहा है।
सिंचाई विभाग का दावा है कि इस बार यमुना के तटबंधों को मजबूत करने के लिए 20 करोड़ की लागत से छह प्वाइंटों पर मजबूती से काम हुआ है। पिछले वर्ष जिले में आठ प्वाइंटों को मजबूत करने के लिए 24 करोड़ खर्च किया गया था। जड़ौली, मोदीपुर, ढाकवाला, कुंडा कला, लालूपुरा, कलसौरा में सबसे ज्यादा समस्या रहती थी, इस बार इन्हीं तटबंधों को सबसे पहले मजबूत किया गया है। जडौली
व लालूपुरा, ढाकवाला व शेरगढ़ टापू में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से कम है पानी का बहाव अभी नियंत्रण में है। यमुना के साथ लगते क्षेत्रों में कोई नुकसान न हो इसके लिए जिला राजस्व विभाग व सिंचाई विभाग में सुविधा केंद्र बनाए गए हैं।
253.... करनाल खंड के ढाकवाला गुजरान गांव में धान की फसल में घुसा यमुना का जल। संवाद
253.... करनाल खंड के ढाकवाला गुजरान गांव में धान की फसल में घुसा यमुना का जल। संवाद