फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यमुना नदी : 24 दिन में 10 की यमुना में डूबने से मौत, फिर सतर्कता नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
- पक्के घाटों पर नहीं लगाई गई जंजीर, गोताखोर न उठाए गए कोई कदम
विज्ञापन




माई सिटी रिपोर्टर



करनाल। जिले में बीते 24 दिन में यमुना नदी में डूबने से 10 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद जिला प्रशासन की ओर से एहतियात नहीं बरती जा रही है। न ही यमुना घाटों पर लोगों को नहाने से रोकने के लिए कोई कदम उठाया गया न ही वहां पर हर वक्त गोताखोरों की ही तैनाती की गई। जिससे कि लोगों को मौत के मुंह में जाने से बचाया जा सके।



यमुना नदी में डूबने वालों में पांच नाबालिग हैं और इनमें से भी एक बच्चा है, जिसकी उम्र महज 10 वर्ष थी। यमुना में नाबालिगों को नहाने देने में जहां अभिभावकों की लापरवाही है वहीं, प्रशासन की भी है। इन दुर्घटनाओं को देखते हुए यमुना नदी के किनारे पक्के घाटों का निर्माण कराने के साथ ही वहां जंजीर लगाई जानी चाहिए। जिससे लोग नहाते वक्त किनारे पर ही रहें और गहरे पानी में नहीं जाएं। इसके साथ ही धार्मिक आयोजनों के दौरान विशेष तौर पर गोताखोरों की टीम तैनात की जाए, लेकिन ऐसा भी नहीं होता है। डूबने के बाद खोज के लिए ही गोताखोर आते हैं। ठोस कदम नहीं उठाए जाने की वजह से मंगलवार को तीन और युवकों की यमुना में डूबने से जान चली गई।
विज्ञापन




- रेत खनन है यमुना में डूबने की एक बड़ी वजह



यमुना में डूबने की दुर्घटनाएं बढ़ने की एक वजह रेत खनन भी है। रेत खनन की वजह से यमुना नदी के अंदर गहरे गड्ढे बन जाते हैं। पानी के बहाव के कारण करीब 20 फुट तक गहरे इन गड्ढों का अंदाजा भी नहीं लगता है। इसके साथ ही नदी में जहां भी घुमाव होता है, उस स्थान की रेत पानी के तेज बहाव के साथ बह जाती थी और गड्ढा और गहरा होता जाता है। नदी में नहाने के लिए जाने वाले को पता ही नहीं होता कि मौत इंतजार कर रही है।



हादसों पर एक नजर


13 जून : गांव सदरपुर के पास यमुना में नहाते वक्त बूढ़ाखेड़ा निवासी अंशुल (21) और कैरवाली निवासी वंश (19) और दीपांशु (21) की डूबने से मौत हो गई।



10 जून : गंगा दशहरा पर यमुना घाट पर स्नान करते समय एक 16 वर्षीय नितिन एक अन्य युवक को डूबने से बचाने के दौरान डूब गया था, उसकी मौत हो गई थी।



10 जून : कुंजपुरा क्षेत्र के गांव जटोली के निकट यमुना घाट पर मधु अपने पति प्रिंस के साथ यमुना घाट पर गई थी। पूजा-अर्चना के उपरांत वह यमुना में स्नान करते वक्त डूबने से उसकी मौत हो गई।



03 जून : तरावड़ी निवासी जिले सिंह के बेटे 17 वर्षीय सागर और 15 वर्षीय सुशांत यमुना नदी में नहाने के लिए बड़ौली पुल के नीचे गए थे, जहां डूबने से उनकी मौत हो गई थी।



01 जून : चंडीगढ़ निवासी 10 वर्षीय कुनाल अपने परिवार के साथ गंगा दशहरा पर नहाने के लिए करनाल आया था। इस दौरान मेरठ रोड स्थित बरौला पुल के पास यमुना में डूबने से उसकी मौत हो गई थी।



19 मई : घरौंडा के लालूपुरा गांव में यमुना में नहाते समय दो भाई डूब लगे। इस दौरान एक भाई को ग्रामीणों ने बचा लिया था, लेकिन हर्षित की डूबने से मौत हो गई थी।
विज्ञापन




18 मई : इंद्री के बीबीपुर ब्राह्मणा निवासी 17 साल के रोहन और बदरपुर निवासी अरमान दोस्ताें के साथ यमुना में नहाने गए था, जहां डूबने से दाेनों की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें