केरल के डेयरी विभाग के अधिकारियों का 30 सदस्यीय दल प्रशिक्षण लेने पहुंचा एनडीआरआई
एनडीआरआई की राष्ट्रीय रेफरल प्रयोगशाला में प्रशिक्षण शुरू, निदेशक डॉ.धीर सिंह ने किया शुभारंभ
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। देश दुग्ध उत्पादन में दुनिया में नंबर एक है, लेकिन गुणवत्ता विश्वस्तरीय नहीं होने के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भारतीय दुग्ध उत्पादों की हिस्सेदारी अपेक्षाकृत कम है। यही कारण है कि अब राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) ने दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता में व्यापक सुधार लाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए संस्थान में आज से केरल के डेयरी विकास विभाग के तकनीकी और गुणवत्ता से जुड़े अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शुरू किया गया है।
एनडीआरआई में स्थित राष्ट्रीय स्तर की राष्ट्रीय दुग्ध गुणवत्ता और सुरक्षा रेफरल प्रयोगशाला में राष्ट्रीय प्रशिक्षण शुरू किया, जो 17 जून तक चलेगा। इसमें केरल के डेयरी विभाग के सहायक निदेशकों, गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारियों, डेयरी विस्तार अधिकारियों और तकनीकी सहायक आदि 30 अधिकारी शामिल हो रहे हैं।
दूध और दूध उत्पादों की गुणवत्ता मूल्यांकन विषय पर आयोजित प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ एनडीआरआई के निदेशक डॉ.धीर सिंह ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ये गौरव की बात है कि वैश्विक स्तर पर दुग्ध उत्पादन के मामले में हमारा देश पहले स्थान पर है। लेकिन दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता को भी सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने व्यापक परीक्षण के माध्यम से दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।
एनडीआरआई के संयुक्त निदेशक (शैक्षणिक) डॉ.आशीष कुमार सिंह ने कहा कि देश में डेयरी क्षेत्र के विकास में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता है। डेयरी रसायन विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. राजन शर्मा ने संकेत दिया कि हाल के वर्षों में भारत के खाद्य नियामक निकाय ने दूध उत्पादों की गुणवत्ता की जांच के लिए कई नए परीक्षण पैरामीटर पेश किए हैं। जिसके आधार पर दूध और दूध से बने उत्पादों को कई और मानकों पर भी परखा जाएगा। प्रतिभागियों को इन नई तकनीकियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
विश्वस्तरीय तकनीक सीखने के लिए एनडीआरआई को चुना
करनाल। यूं तो केरल में डेयरी साइंस का प्रशिक्षण देने वाले चार बड़े कॉलेज हैं लेकिन केरल के विभिन्न जिलों से आईं 27 महिला अधिकारियों, तकनीक सहायकों ने उच्च कोटि के डेयरी प्रशिक्षण के लिए राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल को चुना है।
केरल के डेयरी विभाग के सहायक निदेशकों, गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारियों, डेयरी विस्तार अधिकारियों और तकनीकी सहायकों का 30 सदस्यीय दल प्रशिक्षण लेने के लिए यहां पहुंचा है। सबसे खास बात ये है कि इसमें 27 महिलाएं हैं। इन सभी ने बड़ी उत्सुकता के साथ एनडीआरआई के निदेशक डॉ.धीर सिंह ने डेयरी विज्ञान से जुड़ी कई नई नकनीक को जाना और अपनी आशंकाओं के आधार पर प्रश्न किए। निदेशक ने भी उनकी भावनाओं को समझकर उन्हें बड़े धैर्य के साथ नवीनतम तकनीकियों की जानकारी देते हुए विस्तार से समझाया है। इन महिला अधिकारियों ने बताया कि केरल में चार डेयरी साइंस कॉलेज हैं, लेकिन एनडीआरआई का नाम विश्वस्तर पर है, यहां की तकनीक बेहद उच्चस्तरीय होती है, इसलिए उन्होंने नई तकनीकियों को सीखने के लिए एनडीआरआई को चुना है।