संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बंगाली काॅलोनी में मां दुर्गा पूजा समिति की ओर से आयोजित दुर्गा पूजा में सोमवार रात को ढोल की थाप पर मां दुर्गा, महिषासुर, गणेश, कार्तिक, लक्ष्मी और सरस्वती की मूर्तियों की पंडित सूरजकांत ने पूजा करवाई। महासप्तमी के दिन केले के पेड़ की पूजा की गई।
केले के पेड़ को ‘नबपत्रिका’ के नाम से जाना जाता है, जिसे नदी या तालाब के पवित्र जल में नहलाया जाता है और पारंपरिक साड़ी पहनाई जाती है। नबपत्रिका देवी दुर्गा का प्रतीक है, और इसे देवी की मूर्ति के बगल में रखा जाता है। श्रद्धालु भावना, सुमित विश्वास, रिंकी विश्वास ने बताया कि रोजाना सुबह शाम आरती और रात को बच्चे धुनुची डांस करते हैं। अष्टमी के अवसर पर 108 कमल के फूलों में 108 दीपक जलाकर संध्या में मां दुर्गा की पूजा की जाएगी और धुनुची डांस होगा।