माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अमेरिका की नागरिकता दिलाने के नाम पर 2.35 करोड़ रुपये हड़प लिए। काम नहीं हुआ तो 800 ग्राम का नकली सोना दे दिया। सेक्टर-13 निवासी हरप्रीत कौर घटनाक्रम से आहत और चिंतित थीं। रविवार की दोपहर को उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई। महिला के पर्स से मिले पत्र में उन्होंने धोखाधड़ी की चिंता और खुद को कर्जदार बताते हुए लिखा है कि अनहोनी होने पर धोखाधड़ी करने वालों को जिम्मेदार माना जाए। मामले में पुलिस में शिकायत की गई है।
सोमवार की दोपहर को परिवार ने लघु सचिवालय पहुंचकर एसपी गंगाराम पूनिया से मुलाकात की। पत्र में आरोपित किए गए योगेश, उसके भाई पुनीत और दोनों की पत्नी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शाम को घर पहुंचकर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मेडिकल कॉलेज के शवगृह में रखवा दिया। महिला के पति गुरविंद्र सिंह का आरोप है कि योगेश, पुनीत और उनकी पत्नियों ने उन्हें अमेरिका की नागरिकता दिलाने का वादा किया था। वर्ष 2018 से वे हर साल रुपये ले रहे थे। कुल 2.35 करोड़ रुपये लिए गए। करीब 1.90 करोड़ रुपये का भुगतान ऑनलाइन किया गया, अन्य राशि नकद में दी गई है।
पति का कहना है कि पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो वे महिला का शव लघु सचिवालय के बाहर रखकर प्रदर्शन करेंगे। सिविल लाइन थाना के प्रभारी रामलाल का कहना है कि मंगलवार को महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद ही मौत के कारण स्पष्ट हो पाएंगे। लिखित शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा।
पता नहीं था कि पत्नी इतनी चिंतित होंगी
गुरविंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें पत्नी के इतने चिंतित होने का आभास नहीं था। सोमवार को पत्नी के पर्स से मिले पत्र को पढ़कर वह चिंता में आ गए। उनका आरोप है कि 2019 तक आरोपी उनके मकान में किराये पर रहते थे। वर्ष 2018 में आरोपियों ने सबसे पहले 40 लाख रुपये लिए थे, उस समय कहा था कि वे जल्द ही अमेरिका में नागरिकता दिलाकर उन्हें भेज देंगे। इसके बाद वे कई बार अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 2.35 करोड़ रुपये ले चुके थे और काम भी नहीं हुआ।
विदेश गए बच्चों की इंतजार में रखा था शव
आरोप है कि 2022 में बच्चों की शादी पर उन्होंने रुपयों की मांग की तो 800 ग्राम सोने के गहने देने की पेशकश की। उन्होंने फिर भरोसा किया। उन्होंने एक सीलबंद बॉक्स दिया। शादी के समय उन्होंने पहनने के लिए गहने निकाले तो वे नकली निकले। मृतका का बेटा और बेटी अमेरिका में रहते हैं। रविवार को मां की मौत की सूचना पर वे करनाल के लिए रवाना हो गए थे। बच्चों के इंतजार में सोमवार तक शव रखा हुआ था। रविवार को मृतका के नेत्रदान भी किए गए।