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Karnal News: गलत मुद्रा में काम से गर्दन जाम, सर्वाइकल की बीमारी हुई आम

Mon, 05 Jan 2026 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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काजल पांचाल
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करनाल। आंख खुलते ही मोबाइल, दफ्तर में घंटों कंप्यूटर के सामने काम और रात में लेटे और बैठे हुए मोबाइल और टीवी देखना। अगर दिनचर्या इसी दायरे में सिमट गई है और गर्दन के पीछे लगातार दर्द, कंधों में अकड़न या जकड़न महसूस हो रही है, तो यह सर्वाइकल की शुरुआती चेतावनी है। इसे नजरअंदाज करना आगे भारी पड़ सकता है। जनवरी माह को सर्वाइकल के प्रति जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है।
जिला नागरिक अस्पताल की मनोरोग ओपीडी में सर्वाइकल से जुड़ी समस्याओं के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इनमें युवाओं की संख्या अधिक है। नागरिक अस्पताल की डॉ. सौभाग्य कौशिक ने बताया कि लंबे समय तक मोबाइल और कंप्यूटर पर झुके रहकर काम करना इस परेशानी की बड़ी वजह बन रहा है। अब कम उम्र के मरीज भी गर्दन, कंधों और पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द व अकड़न की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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- लगातार एक ही स्थिति में नहीं बैठें
डॉ. सौभाग्य कौशिक ने बताया कि सर्वाइकल की समस्या तब होती है जब गर्दन की हड्डियों और मांसपेशियों पर लगातार गलत मुद्रा या एक ही तरह से बैठे होने से दबाव पड़ता है। लंबे समय तक मोबाइल देखने या लैपटॉप पर काम करने के दौरान गर्दन आगे की ओर झुक जाती है, जिससे मांसपेशियों में खिंचाव बढ़ता है और दर्द शुरू हो जाता है। सर्वाइकल स्पाइन गर्दन की हड्डियों का वह हिस्सा है जो सिर को सहारा देता है। लगातार एक ही स्थिति में बैठना, शारीरिक गतिविधि की कमी, तनाव और नींद की कमी से इस हिस्से पर अधिक दबाव पड़ता है।
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- छात्र, कर्मचारी अधिक प्रभावित
अस्पताल में आने वाले मरीजों में छात्र, ऑफिस कर्मचारी, कॉलसेंटर कर्मी और लंबे समय तक मोबाइल इस्तेमाल करने वाले युवा अधिक हैं। इसके अलावा तनावग्रस्त लोग भी गर्दन व कंधों में जकड़न की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकतर महिलाएं हैं। ओपीडी में रोजाना 20 प्रतिशत मरीज सर्वाइकल से पीड़ित पहुंच रहे हैं। डॉ. सौभाग्य कौशिक ने बताया कि शुरुआती अवस्था में सही पोश्चर, नियमित ब्रेक, हल्की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज और फिजियोथेरेपी से राहत मिल सकती है। जरूरत पड़ने पर दवाइयों की मदद ली जाती है। उन्होंने सलाह दी कि हर 30-40 मिनट में स्क्रीन से नजर हटाकर गर्दन को आराम दें, मोबाइल आंखों की सीध में रखें और रोजाना हल्का व्यायाम जरूर करें।

- ये हैं लक्षण

गर्दन के पीछे दर्द
कंधों में अकड़न
हाथों में झनझनाहट
सिरदर्द और चक्कर
नींद आने में परेशानी
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