माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर सफेद पट्टी लगाने का काम शुरू हो चुका है। दो दिनों में करनाल जिले की सीमा में यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए एनएचएआई की दो टीमें जुट गई हैं। टीम कुरुक्षेत्र सीमा से पानीपत सीमा तक के क्षेत्र पर सड़क की मार्किंग करेंगी। अन्य खामियों के लिए भी टीम सर्वे कर रही है। ताकि कोहरा बढ़ने से पहले ही जरूरी इंतजाम पूरे किए जा सकें।
तीन माह पहले बारिश के दाैरान सड़कों से सफेद पट्टियां जलभराव होने से धुल गई लेकिन संबंधित विभागों ने अभी तक इन सड़कों पर सफेद पट्टी बनवाना जरूरी नहीं समझा। अमर उजाला ने अभियान के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग की खामियों को उजागर किया, इसके बाद विभाग ने योजना बनाते हुए इसे दुरुस्त करने का कार्य शुरू किया है। एनएचएआई के सेक्शन इंजीनियर भानू प्रताप ने बताया कि एलिवेटेड हाईवे के अलावा सर्विस लेन पर रोड मार्किंग के लिए अलग-अलग टीमें ड्यूटी पर लगाई गई हैं। बुधवार को नमस्ते चौक से लेकर आईटीआई चौक तक के क्षेत्र में सफेद पट्टी लगाई गई। दो दिनों में करनाल शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफेद पट्टी लगाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
- 70 किमी के हाईवे पर कई जगह खामियां
नेशनल हाईवे-44 पर कुरुक्षेत्र सीमा से लेकर पानीपत तक 70 किलोमीटर में सर्विस लाइन पर कुछ जगहों को छोड़कर कहीं भी सफेद पट्टी नहीं है। एलिवेटेड हाईवे पर भी कई जगहों से रोड मार्किंग गायब है। दिल्ली से अमृतसर तक जाने के लिए 24 घंटे में 80 हजार से ज्यादा वाहन इस हाईवे से गुजरते हैं। रोजाना औसतन दो हादसे होते हैं, फिर भी एनएचएआई इसे लेकर गंभीर नहीं है।
- लापरवाही के कारण हो रहे हादसे
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट संदीप राणा और तेजपाल का कहना है कि सड़कों पर लापरवाही के कारण हादसे हो रहे हैं। इस बार कोहरा देरी से छाया है। इसके बाद भी अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। कोहरे के कारण अब तक कई हादसे हो चुके हैं। शहर में भी सफेद पट्टी लगाने के लिए नगर निगम व पीडब्ल्यूडी को काम करना चाहिए। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में और अधिक कोहरा छाने की संभावना जताई है।
- नगर निगम और पीडब्ल्यूडी सुस्त
एनएचएआई ने सफेद पट्टी लगाने का काम शुरू कर दिया है लेकिन नगर निगम और पीडब्ल्यूडी अभी तक सुस्त है। एडवोकेट राजकुमार का कहना है कि यदि समय रहते यह कार्य हो जाए तो हादसों को कम किया जा सकता है। सड़कों पर रोड मार्किंग होना बेहद जरूरी है। धुंध में दृश्यता शून्य हो जाती है। ऐसे में सफेद पट्टी और रिफ्लेक्टिव कैटआइज ही चालक को रास्ता दिखाने में मददगार होती है।