माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान में हरियाणा पुलिस के सहयोग से आयोजित प्रकृति महोत्सव-2025 में दूसरे दिन महिला सुरक्षा और नागरिक के साथ-साथ प्रकृति और स्त्री विषय पर विचार रखे गए।
बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे साइबर एवं हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने कहा कि बिना प्रकृति और महिला के जीवन संभव नहीं, हमें थ्री-आर यानी रिड्यूज, रि-यूज और रि-साइकिल को अपनाकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने बच्चों का आह्वान किया कि यदि आपके साथ कुछ गलत हो रहा है, तो चुप्पी न साधें।प्रकृति महोत्सव के दूसरे दिन का आगाज बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुआ।
एनडीआरआई के निदेशक डॉ. धीर सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा समझाते हुए अतिथियों का स्वागत किया।
मुख्य अतिथि एसएसपी दीपक सहारन ने कहा कि भविष्य में ऐसा भी हो सकता है कि तेज बुखार में दवा की गोली हाथ में हो और पानी न हो। घाघर नदी का उदाहरण देते हुए कहा कि उसका पानी कहीं-कहीं पीने और नहाने योग्य भी नहीं रहा है लेकिन अनजाने में हम प्रयोग करते हैं लेकिन जानबूझ कर कोई गंदा पानी नहीं पी सकता। हमें गंभीरता के साथ पर्यावरण को शुद्ध बनाने, पानी जैसी अनमोल प्रकृति उपयोग को दोबारा उपयोग करने, प्लास्टिक जिसे प्रकृति भी नष्ट नहीं करती, उसका पुनरउपयोग के प्रयास करने होंगे।
प्रकृति और स्त्री में सीधा संबंध : डॉ. सुमेधा : पंजाब विश्वविद्यालय की प्रो. डाॅ. सुमेधा सिंह ने कहा कि प्रकृति और स्त्री में सीधा संबंध है। दोनों सृजन का आधार हैं, परंतु आज दोनों के साथ न्याय नहीं हो रहा है, जो भविष्य के लिए चिंताजनक है। पर्यावरणविद् एवं जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने बच्चों की क्लास के दौरान कहा कि हमारे धर्मग्रंथो ने हमेशा प्रकृति संरक्षण की सीख दी है लेकिन विज्ञान की गति के कारण भारत की विद्या कहीं दब गई है। आज विज्ञान के ज्ञान के साथ लोकचेतना में समन्वय स्थापित करने की जरूरत है।
संस्थान के निदेशक एवं कुलपति डा. धीर सिंह ने कहा कि प्रकृति उत्सव के माध्यम से युवा अपने समय के समस्याओं से अवगत होंगे और बौद्धिक बिरादरी के सहयोग से आयोजित विमर्श के माध्यम से युवा उसके समाधान के लिए प्रेरित होंगे।