करनाल। प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में दानवीर कर्ण की नगरी कहलाने वाले करनाल की सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं ने पहुंचना शुरू कर दिया है। यहीं की कई संस्थाओं को महाकुंभ में शिविर लगाने की अनुमति मिल गई हैं। वहां पर उन्होंने श्रद्धालुओं की सेवा का कार्य भी शुरू कर दिया है।
ब्राह्मण अंतरराष्ट्रीय ट्रस्ट के संरक्षक व संयोजक करनाल के स्वामी ऋषिपाल आनंद को यूपी प्रशासन ने त्रिवेणी संगम घाट के नजदीक शिविर लगाने की अनुमति दी है। प्राचीन चक्र माधव जी मंदिर के नजदीक सेक्टर 24 में अंतरराष्ट्रीय ब्राह्मण ट्रस्ट की ओर से आधुनिक सुविधाओं से युक्त शिविर का निर्माण किया गया है जिसमें श्रद्धालुओं को ठहरने के साथ भंडारे की सुविधा भी उपलब्ध होगी। उनके साथ करनाल के ही व्यवसायी ऋषि शर्मा उनके साथ सहयोग कर रहे हैं। देश के प्रसिद्ध संत आचार्य प्रभाकर मिश्र के शिष्य स्वामी ऋषिपाल आनंद इससे पहले भी कई बार हरिद्वार और प्रयागराज में आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में शिविर लगाते रहे है। पिछले 30 वर्षों से समाज सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पित स्वामी ऋषिपाल आनंद ब्राह्मण अंतरराष्ट्रीय संगठन सहित अन्य अनेक सामाजिक, धार्मिक संगठनों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज को समर्पित कर दिया है।
मधुबन स्थित आश्रम से अपनी सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों को संचालित करते आ रहे स्वामी ऋषिपाल आनंद नेपाल सहित कई देशों की यात्राएं कर चुके हैं और हिंदू समाज को एकजुट करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। वह अभी तक पांच बार कुंभ में जा चुके हैं। दो बार हरिद्वार और तीन बार प्रयागराज कुंभ का पुण्य लाभ उठा चुके हैं। वह दो जनवरी से कुंभ क्षेत्र में है 14 जनवरी मकर संक्रांति को उन्होंने आचार्य महामंडलेश्वरों के साथ अमृत स्नान किया था। अब वह 26 फरवरी को वापस करनाल आएंगे। नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के मुख्य ट्रस्टी अर्जुन प्रसाद बस्तोला व महामंडलेश्वर डॉ स्वामी प्रेमानंद जी महाराज भी शिविर में कल्पवास करेंगे।