भ्रष्टाचारी पटवारी:
किसी ने पति को बनाया सहायक तो किसी ने एक प्रतिशत रेट किया तय
- प्रदेश के भ्रष्ट 370 पटवारियों में से सात करनाल के, छह ने रखे निजी सहायक
- 15 दिन में कार्रवाई कर सरकार को भेजनी होगी रिपोर्ट, राजस्व विभाग की गोपनीय रिपोर्ट हुई वायरल
- तकसीम, पैमाइश, इंतकाल, रिकॉर्ड दुरुस्त, नक्शा बनवाने में लोगों को रिश्वत के लिए करते थे परेशान
फोटो 10 व 11
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वायरल हो रही प्रदेश भर के 370 भ्रष्ट पटवारियों की सूची ने करनाल की सभी तहसीलों में काम करने वाले पटवारियों और उनके निजी सहायकों के कान खड़े कर दिए हैं। वायरल सूची में सात पटवारी करनाल जिले से मिले हैं। इनमें से छह ने अपने सहायक रखे हैं। रिपोर्ट में ये भी खुलासा है कि ये पटवारी किन सहायकों से किस काम के कितने पैसे लेते थे। सूची के अनुसार करनाल और घरौंडा तहसील से दो- दो पटवारी, नीलोखेड़ी, इंद्री और बल्ला तहसील से एक एक पटवारी का नाम सामने आया है। पटवारियों के भ्रष्टाचार के कारनामे भी हैरान करने वाले हैं। इनमें से एक पटवारी ने तो अपने पति को ही सहायक बनाया है। तो एक पटवारी जमीन की कीमत का एक प्रतिशत रिश्वत का रेट तय किया हुआ है। किसी पटवारी ने पैसों की सेटिंग के लिए एक सहायक रखा है तो किसी ने काम ज्यादा होने पर तीन तीन सहायक रखे हैं तो एक ऐसा भी पटवारी है जो बिना सहायक के सीधे पैसे पकड़ने का काम करता है।
गौरतलब है कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से प्रदेश भर की 22 जिलों की तहसीलों के 370 भ्रष्ट पटवारियों का खुलासा करने की एक सूची और आदेश वायरल हुए हैं। इनमें विभाग की ओर से संबंधित जिला उपायुक्तों पर भ्रष्ट पटवारियों के विरुद्ध 15 दिन में कार्रवाई करने के आदेश जारी किए गए हैं। चिट्ठी में जिलावार भ्रष्ट पटवारियों के नाम, तहसील का नाम, भ्रष्टाचार के तरीके तक का उल्लेख किया है। सबसे खास बात ये है कि विभाग की ये रिपोर्ट गोपनीय थी, जो अब शहर के हर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। विभाग की ओर से बताया गया है कि ये भ्रष्ट पटवारी लोगों की जमीनों की तकसीम, पैमाइश करवाने, इंतकाल दर्ज करवाने, रिकॉर्ड दुरुस्त करने और नक्शा बनवाने जैसे कामों के लिए चक्कर कटवाते थे। लोगों को इतना परेशान किया जाता था कि वे खुद रिश्वत देकर काम करवाने को मजबूर हो जाते थे।
ये हैं जिले की तहसीलों के पटवारी और ऐसे करते रहे भ्रष्टाचार:
- करनाल तहसील में 2016 से तैनात एक पटवारी भी इंतकाल आदि के काम के नाम पर 5 से 6 हजार रुपये लेती है। इस काम में इसका पति ही इसका सहायक बना है। इसका पति ही पैसे की सेटिंग करने का काम करता है। इसके माध्यम से ही काम के पैसे लिए जाते हैं।
- करनाल में तैनात 2023 से तैनात एक अन्य पटवारी सहायक के माध्यम से काम के पांच से छह हजार रुपये वसूल करता है।
- घरौंडा तहसील में अगस्त 2024 से तैनात एक पटवारी ने दो सहायक रखे हुए हैं। इनमें से घरौंडा से तो दूसरा रसीन गांव से है।
- घरौंडा के ही दूसरे पटवारी ने एक प्रतिशत के हिसाब से रेट तय किया है। ये अपने एक नहीं बल्कि तीन तीन सहायकों से सेटिंग करता और पैसे लेता है।
- नीलोखेड़ी तहसील का पटवारी अप्रैल 2021 से तैनात है। जो रजिस्टरी का इंतकाल दर्ज करवाने का काम 4 से 5 हजार रुपये लेता है। ये पटवारी समाना बाहु के रहने वाले एक तहसील के सामने ही फोटोस्टेट का काम करने वाले दलाल के माध्यम से काम के पैसे लेता है।
- इंद्री तहसील का दूसरा पटवारी मार्च 2022 से तैनात है जो रजिस्टरी इंतकाल के नाम पर पांच से दस हजार रुपये लेता है। इसने अपना कोई निजी सहायक ही नहीं रखा हुआ।
- बल्ला गांव तहसील का जून 2022 से तैनात एक पटवारी रजिस्ट्री इंतकाल के नाम पर दो से पांच हजार रुपये लेता है। इसके लिए इसने अपने पास बल्ला गांव का ही एक निजी सहायक लगाया हुआ है।