संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। खो-खो में भारतीय महिला टीम ने शानदार जीत हासिल कर देश का नाम रोशन किया है। रविवार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में खो खो विश्व कप का फाइनल खेले गया, जिसमें भारतीय महिला टीम ने नेपाल को 78-40 के बड़े अंतर से हराकर खिताब अपने नाम किया। भारत में पहली बार खो खो विश्व कप का आयोजन किया गया।
करनाल से खो-खो कोच संतोष का कहना है कि आज महिलाएं भी देश का नाम चमका रहीं हैं। पुरुष ही नहीं महिलाएं भी खेल में अच्छा प्रदर्शन कर आगे बढ़ रही हैं। भारतीय महिला खो खो टीम के प्रदर्शन ने इस खेल में आने के लिए महिलाओं को प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कहा कि कप्तान प्रियंका इंगले के नेतृत्व में पूरी टीम ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। इस खेल में महिलाओं को बढ़-चढ़कर भागीदारी करनी चाहिए।
विश्व कप जीत कर रचा इतिहास
खो खो खिलाड़ी अंशु ने बताया कि भारतीय महिला टीम ने दिल्ली में पहली बार आयोजित हुए खो खो विश्व कप में बड़े अंतर से जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। उनका कहना है कि खो खो खेल में निरंतर अभ्यास करने से शरीर स्वस्थ रहता है और फूर्ति आती है।
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वर्षों की मेहनत लाई रंग
खो खो खिलाड़ी मुकेश ने बताया कि भारतीय महिला टीम की कप्तान प्रियंका इंगले के नेतृत्व में पूरी टीम ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। उनका कहना है कि कप्तान प्रियंका इंगले ने 15 साल से जो मेहनत की थी वो आज रंग लाई।
खेल का बेहतर प्रदर्शन
खो खो खिलाड़ी नैंशी ने बताया कि भारतीय टीम ने शुरुआती पारी में नेपाल की टीम को एक बार भी ड्रीम रन करने का मौका नहीं दिया और 34-0 की बढ़त बना ली, जिस कारण उनको पूरे मैच में काफी मदद मिली।
खो खो से शरीर रहता है स्वस्थ
खो खो कोच संतोष कुमारी ने बताया कि नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में खो खो विश्व कप पहली बार आयोजित किया गया, जिसमें भारतीय महिला व पुरुष की टीमों ने अच्छा प्रदर्शन कर भारत के नाम जीत दर्ज करवाई। उनका कहना है कि खो खो जैसे खेल में महिला खिलाड़ियों को आगे आना चाहिए, क्योंकि इस खेल को खेलने से शरीर स्वस्थ रहता है।