फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं

विज्ञापन
गांव नाहरपुर में बनाई डेयरी में मौजूद रचना आनंद। स्वयं
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ स्वरोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। पशुपालन, डेयरी, कॉस्मेटिक, सिलाई-कढ़ाई समेत अन्य कार्य महिलाओं की पहली पसंद बन रहे हैं। कई महिलाओं ने छोटे स्तर से शुरुआत कर अपने काम को आगे बढ़ाया और आज परिवार की आय बढ़ाने में अहम योगदान दे रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में कई अन्य महिलाएं भी अपने हुनर और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर स्वरोजगार अपना रही हैं। कोई सिलाई-कढ़ाई से जुड़ी है तो कोई पशुपालन, कॉस्मेटिक या अन्य छोटे व्यवसाय के माध्यम से आमदनी अर्जित कर रही है। महिलाओं का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान देना जरूरी है। परिवार के सदस्यों का भी मानना है कि महिलाएं कामकाज में सक्रिय होकर आर्थिक मजबूती के साथ समाज में अपनी अहम भूमिका निभा सकती हैं। परिवार के सहयोग से महिलाओं का आत्मविश्वास और हौसला लगातार बढ़ रहा है।
विज्ञापन

-
पशुपालन को बनाया कमाई का साधन

गांव नाहरपुर की रचना आनंद ने पशुपालन को कमाई का साधन बनाया। उन्होंने शुरुआत में एक पशु से पशुपालन शुरू किया था। धीरे-धीरे पशुओं की संख्या बढ़ाने के साथ दूध उत्पादन का काम भी बढ़ाया। आज वह दूध उत्पादन के क्षेत्र में आसपास के इलाकों में अपनी पहचान बना चुकी हैं। पशुपालन से होने वाली आमदनी से उन्हें परिवार की आर्थिक जरूरतें पूरी हो रही हैं।
विज्ञापन

-
पशुपालन के साथ डेयरी का काम किया

हरनौल की हरजीत ने भी पशुपालन को स्वरोजगार का जरिया बनाया। उन्होंने गोवंश समेत अन्य पशुओं का पालन शुरू किया। उन्होंने बताया कि शुरुआत में काम को लेकर कई परेशानियां आईं, लेकिन परिवार का सहयोग मिलने से उनका हौसला बढ़ा। इसके बाद परिवार ने दूध, दही, लस्सी और पनीर समेत अन्य खाद्य सामग्री की डेयरी का काम भी शुरू किया।

गांव नाहरपुर में बनाई डेयरी में मौजूद रचना आनंद। स्वयं

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें