संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न के मामलों को रोकने के लिए बनाए गए पाॅश अधिनियम के तहत महिलाएं शी पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकती हैं। इस ऑनलाइन पोर्टल से शिकायत सीधे स्थानीय शिकायत समिति तक पहुंचती है। बड़ी संख्या में महिलाएं इस पोर्टल के बारे में अनजान हैं।
महिला संरक्षण अधिकारी सविता राणा ने बताया कि एक साल पहले सभी सरकारी व निजी कार्यालयों में आईसीसी यानी आंतरिक शिकायत समिति बनाने के निर्देश दे दिए गए थे। महिलाओं के लिए शी पोर्टल सशक्त माध्यम है। अगर कोई महिला या युवती की शिकायत समिति में नहीं सुनी जाती है तो वह शी पोर्टल पर अपनी शिकायत दे सकती हैं। ये शिकायत सीधे जिला स्तरीय शिकायत समिति तक पहुंचती है और तुंरत कार्रवाई भी की जाती है।
उन्होंने बताया कि शी पोर्टल और समितियों को लेकर स्कूल, कॉलेजों और संस्थाओं में महिलाओं व युवतियों को जागरूक किया जाएगा ताकि वह अपनी शिकायत खुल कर रख सके। इसके अलावा जिन भी कार्यालयों में समिति नहीं है तो वह समिति का गठन जरूर करें।
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शी पोर्टल का कामशी पोर्टल एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जिसे कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों को सरल और सुरक्षित तरीके से दर्ज करने के लिए बनाया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से महिला अपनी शिकायत दर्ज कर सकती हैं। जिला स्तरीय शिकायत समिति को यह शिकायत सीधे प्राप्त हो जाती है। पीड़िता की पहचान सुरक्षित रहती है। पोर्टल पर सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज कर सकती हैं।
पोर्टल के बारे में किया जाए जागरूक
अनामिका का कहना है कि उन्हें शी पोर्टल के बारे में कोई जानकारी नहीं है। शी पोर्टल अपने आप में अच्छा माध्यम है अपनी शिकायत को उच्च स्तर तक पहुंचाने का लेकिन इसके बारे में प्रशासन की ओर से महिलाओं व युवतियों को जागरूक किया जाना चाहिए ताकि वह इसका उपयोग कर सकें।
शिकायत करने का है बेहतर माध्यम
नव्या का कहना है कि कई बार ऐसी स्थिति आती है कि कार्यस्थल पर कई बार महिलाएं अपनी शिकायत डर के कारण नहीं बता पाती हैं। ऐसे में ऑनलाइन और गोपनीय तरीके से शिकायत हो सकती है तो यह बहुत अच्छा माध्यम है। इससे महिलाएं स्वयं को सुरक्षित भी महसूस कर सकेंगी।