संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। दिवाली के त्योहार पर ग्रामीण महिलाएं अपने हस्तनिर्मित उत्पादों को तैयार कर रही हैं। महिलाओं ने दिवाली के लिए एलईडी बल्ब से सजावट का सामान तैयार किया है। छोटे बल्ब का प्रयोग कर स्वदेशी लड़ियों का निर्माण कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि घर बैठे एलईडी बल्ब बनाए जाते है, जिसके साथ बेकार सामग्री का प्रयोग कर कई अन्य प्रकार के इलेक्ट्राॅनिक सजावटी समान भी तैयार किए जा रहे हैं। इनमें लड़ियां और झूमर शामिल हैं।
रसीना गांव की काैशल गाैर ने बताया कि वह 11 महिलाओं के समूह की प्रधान हैं। वह पिछले कई साल से महिलाओं के साथ मिलकर एलईडी बल्ब बनाने का कार्य कर रही हैं। वह अब तक 700 से अधिक समूहों को एलईडी बल्ब बनाने का प्रशिक्षण भी दे चुकी हैं। समूह की मनीषा ने बताया कि उन्होंने दिवाली पर कागजों व छोटे बल्बों का इस्तेमाल कर तोरण और झूमर तैयार किए हैं। जो दिखने में आकर्षक और सस्ते दाम में मिल रहा है। संवाद