राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित गांव कंबोपुरा के पास सत्संग सुनने जा रही एक बुजुर्ग महिला श्रद्धालु की एक पिकअप गाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई। इससे गुस्साए डेरा अनुयायियों ने जीटी रोड पर जाम लगा दिया। श्रद्धालुओं ने जीटी रोड पर जाम लगाकर फुट ओवरब्रिज की मांग की। आरोप है कि वह पहले कई बार अधिकारियों से यहां पैदल पुल की मांग कर चुके हैं। जीटी रोड लगभग सवा घंटा जाम रहा और दोनों तरफ लगभग दस किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गई। हादसे की सूचना लगते ही भारी पुलिस बल घटना स्थल पर पहुंचा। बाद में डीएसपी जितेंद्र गहलावत ने मौके पर पहुंचकर पीड़ितों को समझाकर जाम खुलवाया। पुलिस ने कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। देर शाम पुलिस ने आरोपी गाड़ी चालक के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
ओमपाल व पाले राम वासी शेखपुरा जागीर ने बताया कि उनकी माता भरपाई देवी (85) रविवार को ऑटो में सवार होकर सत्संग सुनने के लिए कंबोपुरा नाम चर्चा घर में गई थी। जब वह ऑटो से उतरकर जीटी रोड पार कर रही थी तो करनाल से दिल्ली की ओर तेज गति से जा रहे एक पिकअप चालक ने उसकी माता को टक्कर मार दी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। महिला की मौत से गुस्साए लोगों ने जीटी रोड पर जाम लगाकर विरोध जताया। डेरा समर्थकों ने जीटी रोड को जाम कर फुट ओवरब्रिज बनाने की मांग की। डेरा प्रेमियों का आरोप है कि अगर यहां पैदल पुल होता तो यह हादसा न होता।
बुजुर्ग महिला के शव को लेकर डेरा प्रेमी लगभग एक घंटे तक जीटी रोड पर ही बैठे रहे। घटना की सूचना से मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। बाद में डीएसपी जितेंद्र गहलावत मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिजनों व डेरा प्रेमियों को उनकी मांग अधिकारियों तक पहुंचाकर पूरी करवाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। पुलिस जांच अधिकारी राम आसरे ने बताया कि आरोपी पिकअप चालक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। बता दें कि चार माह पूर्व भी इसी जगह एक दिन हुए हादसे में सत्संग सुनने जा रही तीन महिलाओं की मौत हो चुकी है।
तीन साल से आया सामान, नहीं बन रहा पुल
नाम चर्चा घर के 45 मेंबर अध्यक्ष जयपाल जामनी और डॉ. राजेंद्र शर्मा ने बताया कि जीटी रोड पर पैदल पुल बनाने के लिए सामान पिछले तीन सालों से आया हुआ है। लेकिन एनएचएआई के अधिकारियों ने काम अभी तक नहीं शुरू करवाया। सत्संग घर दूसरी तरफ होने करनाल की ओर से आने वाले अनुयायियों को जीटी रोड पार करके सत्संग सुनने के लिए जाना पड़ता है। इसलिए वह प्रशासनिक अधिकारियों से जीटी रोड पर पैदल पुल बनाने की मांग कर चुके हैं। हर बार केवल आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिलता। चार माह पूर्व भी इसी जगह एक हादसे में तीन महिलाओं की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि शायद विभाग किसी ओर ज्यादा बड़ा हादसा होने का इंतजार कर रहा है। अध्यक्ष का कहना है कि अगर जीटी रोड पर पैदल पुल बनाया होता तो शायद इस प्रकार के हादसे न होते।
नोट बदलवाने के कारण नहीं आई थी गांव से संगत
पाले राम वासी शेखपुरा जागीर ने बताया कि उनके गांव से हर रविवार को सत्संग सुनने के लिए संगत की एक गाड़ी भरकर आती थी, लेकिन इस बार रविवार को 500 और 1000 नोट बदलवाने के चक्कर में गांव से कोई नहीं आया। इसलिए उसकी माता भरपाई देवी सुबह साढ़े नौ बजे ऑटो में बैठकर नाम चर्चा घर में सत्संग सुनने के लिए आ गई। कंबोपुरा पहुंचने पर जीटी रोड पार करते समय टक्कर लगने से उसकी मौत हो गई।