साथ ही सास और जेठ पर दुष्कर्म के प्रयास का भी आरोप था। मामले में परिजन पहले एसपी से मिले और आरोपों को मनगढ़ंत बताया। एसपी ने निष्पक्ष जांच का भरोसा भी दिया। फिर वह डीएसपी से मिले तो कहा गया कि आप आईओ से मिलो।
जब वे इस मामले की जांच अधिकारी एएसआई सरिता से सेक्टर-32,33 थाने में मिले तो दुष्कर्म की धारा हटाने के लिए खर्चा पानी देने की मांग की गई। जब उन्होंने पूछा की कितना खर्चा पानी लगेगा तो आरोपी एएसआई ने दस लाख रुपये की मांग की। इसके बाद आठ लाख रुपये में उनकी बात तय हुई। इसमें दो किस्त में रुपये देने की बात कही गई।
एएसआई सरिता ने यह भी कहा कि इन आठ लाख रुपयों में से पांच लाख डीएसपी और दो लाख रुपये एसएचओ को देने पड़ेंगे। एक लाख रुपये ही उसके पास आएगा। परिजन का कहना है कि इस बात को उन्होंने रिकॉर्ड कर लिया और फिर विजिलेंस में शिकायत दी। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने छापा मारकर एएसआई सरिता को रंगे हाथों चार लाख रुपये के साथ पकड़ लिया।
मामले में शिकायत आई थी कि महिला एएसआई सरिता ने दुष्कर्म की धारा हटाने के लिए उनसे आठ लाख रुपये मांगे हैं, जो दो किस्तों में देना है। रिश्वत मांगने की उनके पास रिकॉर्डिंग भी थी। शिकायत के बाद तुरंत टीम गठित कर महिला एएसआई सरिता को सेक्टर-32,33 थाना परिसर से चार लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। महिला एएसआई ने रिकॉर्डिंग में डीएसपी और एसएचओ को रुपये देने की भी बात कही है, उसकी जांच की जा रही है। -सचिन कुमार, निरीक्षक हरियाणा स्टेट विजिलेंस करनाल