करनाल। एनएचएम कर्मचारियों की जियोफेंस अटेंडेंस सिस्टम लागू करने के आदेश को लेकर एनएचएम कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला प्रधान संजीव व महासचिव गोपाल ने बताया कि मुख्यालय ने 31 मार्च को एक पत्र के माध्यम से प्रदेश के सभी सिविल सर्जन को एनएचएम कर्मचारियों पर जियोफेंस अटेंडेंस सिस्टम लागू करने के आदेश दिए गए हैं, जिसके अनुसार सभी एनएचएम कर्मचारियों को एक मोबाइल एप के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करनी है तथा इसी एप के माध्यम से कर्मचारी की हर गतिविधि की निगरानी की जाएगी।
जियोफेंस अटेंडेंस सिस्टम एक थर्ड पार्टी एप है और इसके कारण कर्मचारी के फोन में पहले से सुरक्षित डाटा तथा अन्य जानकारियों के चोरी होने का डर रहेगा तथा यह जियोफेंस अटेंडेंस सिस्टम कर्मचारियों के निजता के मूल अधिकारों का भी खुला उल्लंघन करता है, क्योंकि सरकार इस सिस्टम के माध्यम से हर समय किसी भी कर्मचारी पर नजर रखेगी तथा मोबाइल एप इन्स्टाल करते समय कर्मचारियों से जबरन उसके मोबाइल डाटा तक पहुंच एक्सेस के लिए अनुमति भी ले ली जाएगी। इससे न केवल कर्मचारी बल्कि उसके मोबाइल में जितने भी संपर्क उपलब्ध होंगे उन तक उस कंपनी की पहुंच हो जाएगी। कर्मचारी के साथ-साथ उसके सभी कर्मचारियों की निजी जानकारी कंपनी तक पहुंचेगी और समाज के बड़े वर्ग पर साइबर हमले तथा साइबर जालसाजी का खतरा बढ़ जाएगा। 24 अगस्त 2017 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने निजता के अधिकार पर फैसला सुनाया। जिसमें निजता का अधिकार एक संवैधानिक अधिकार है
उन्होंने कहा कि सरकार से मांग करते हुए कहा कि कर्मचारियों पर थोपे जाने वाले इस आदेश को वापस ले अन्यथा एनएचएम कर्मचार संघ व समस्त एनएचएम कर्मचारी इस तुगलकी आदेश को वापस करवाने के लिए आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।