करनाल। पीजी कोर्सों में दाखिले के लिए आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक है लेकिन स्नातक तृतीय वर्ष के अधूरे परिणामों ने विद्यार्थियों की चिंता बढ़ा दी है। जिले के महाविद्यालयों में बीसीए और बीकॉम जैसे कुछ कोर्सों के परिणाम जारी होने से इन विद्यार्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया आसान हुई है, वहीं अधिकांश कोर्सों के परिणाम लंबित होने से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं असमंजस में हैं।
उच्चतर शिक्षा विभाग के अनुसार पीजी दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 7 अगस्त निर्धारित है। 8 अगस्त तक संशोधन का मौका मिलेगा, जबकि 9 अगस्त तक दस्तावेज का सत्यापन होगा। इसके बाद 10 अगस्त को प्रोविजनल और 11 अगस्त को अंतिम मेरिट सूची जारी की जाएगी।
स्थिति यह है कि अब तक केवल करीब 20 प्रतिशत आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि अंतिम वर्ष का परिणाम पीजी में विषय चयन और पात्रता तय करने के लिए अहम होता है। परिणाम के बिना वे न तो अंक स्पष्ट कर पा रहे हैं और न ही अपनी पसंदीदा शाखा चुन पा रहे हैं।
कॉलेज प्रशासन का मानना है कि लंबित परिणाम जारी होते ही आवेदन प्रक्रिया में तेजी आएगी। पहली मेरिट के बाद खाली सीटों के लिए 15 अगस्त को फिजिकल काउंसिलिंग होगी, जबकि 16 अगस्त से पोर्टल दोबारा खुलेगा और 17 से 30 अगस्त तक विलंब शुल्क के साथ दाखिले होंगे।
कुछ स्नातक कोर्सों के परिणाम जारी हो चुके हैं, जबकि कई कोर्सों के परिणाम अभी आने बाकी हैं। परिणाम जारी होने के बाद पीजी में आवेदन करने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। विद्यार्थियों को सलाह है कि जिनका परिणाम आ चुका है, वे अंतिम तारीख का इंतजार न करते हुए अपना आवेदन समय पर पूरा करें।- वंदना, राजकीय महाविद्यालय एडमिशन नोडल अधिकारी