संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। ठंड लगातार बढ़ रही है और दो दिन से कोहरा भी छाने लगा है। बढ़ती ठंड ने लोगों की सेहत पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। मौसम में आए इस बदलाव के कारण जिले के सरकारी अस्पताल में वायरल के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। नागरिक अस्पताल के जनरल मेडिसिन और फ्लू ओपीडी में रोजाना करीब 50 मरीज सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार, गले में खराश और शरीर दर्द जैसी शिकायतों के साथ उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में देखने को मिल रहा है।
नागरिक अस्पताल से वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलबीर का कहना है कि शाम के समय बढ़ती ठंड और नमी भरे वातावरण के कारण वायरस को पनपने का अनुकूल माहौल मिल रहा है। कई मरीजों में वायरल संक्रमण के साथ-साथ खांसी और जुकाम लंबे समय तक बना रह रहा है, जिससे सामान्य दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। कुछ मामलों में मरीज स्वयं दवा लेने के बाद तब अस्पताल पहुंच रहे हैं, जब स्थिति अधिक बिगड़ रही है।
सावधानी न बरतने पर हो सकती है सांस संबंधी दिक्कत
फ्लू ओपीडी में आने वाले अधिकांश मरीजों को हल्का से मध्यम वायरल संक्रमण है, लेकिन सावधानी न बरतने पर यह निमोनिया या सांस संबंधी दिक्कतों में बदल सकता है। ओपीडी से डॉ. संदीप ने कहा कि खासकर बुजुर्गों और बच्चों में लक्षण जल्दी गंभीर हो रहे हैं। वहीं, जनरल मेडिसिन से वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलबीर ने बताया कि सुबह-शाम ठंडी हवा के संपर्क में आने, पर्याप्त गर्म कपड़े न पहनने और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम में इम्यूनिटी कमजोर होने से लोग जल्दी वायरल की चपेट में आ रहे हैं।
ये उपाय जरूरी
डॉ. कुलबीर ने बताया कि ठंडा पानी पीना, बाहर का खुला खाना और अनियमित दिनचर्या भी संक्रमण को बढ़ावा देती है। उन्होंने सलाह दी कि वे गुनगुना पानी पीएं, पौष्टिक आहार लें, पर्याप्त नींद लें और हाथों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। खांसी या जुकाम के लक्षण होने पर मास्क का प्रयोग करें और स्वयं दवा लेने से बचें। बुखार तीन दिन से अधिक बना रहे, सांस लेने में दिक्कत हो या लगातार कमजोरी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर जांच और इलाज से वायरल संक्रमण को गंभीर होने से रोका जा सकता है।