अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर पहले दिन रविवार को गांव बल्ला में समाज के लोग एकजुट हुए। लोगों ने पहले हवन किया और बाद में वहीं पर धरना शुरू कर दिया। लोगोें ने दावा किया कि जब तक आरक्षण नहीं मिल जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। उधर, बल्ला में पुलिस और अन्य कर्मचारी भी तैनात रहे और हर स्थिति पर नजर बनाए रखी। दूसरी ओर, मूनक नहर पर आरएएफ और सिंचाई विभाग के अधिकारी भी लगातार इस पर नजर बनाए हुए हैं। जिला उपायुक्त मनदीप सिंह बराड़ व एसपी जेएस रंधावा खुद पल पल की जानकारी लेते रहे। वहीं संभावित आंदोलन को देखते हुए जिला पुलिस को जगह जगह नाके लगाने व अलर्ट रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।
गांव बल्ला में सुबह पुराने बस स्टैंड तालाब के पास खाली पड़े स्थान पर हवन में आहुति डालकर धरने की शुरुआत कर दी गई। धरना स्थल पर गांव बड़ौता, पाढ़ा, बामरेहड़ी, बल्ला, गोली, माजरा, गोगड़ीपुर, असंध, जयसिहंपुरा, शेखपुरा सहित दर्जनों गांव से आरक्षण के लिए धरना स्थल पर पहुंचने पर प्रधान नफे सिंह ने सभी जातियों और गांव के लोगों का पहुंचने पर स्वागत किया। मान ने कहा कि मागें पूरी न होने तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान मांग की गई कि आरक्षण के लिए बनाई गई वेंकैया नायडू की कमेटी अभी तक कोई भी बैठक नहीं बुलाई गई है। जल्द ही बैठक बुलाई जाए और आरक्षण में 2400 लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। साथ ही जेल में बंद 60 से अधिक लोगों की जल्द रिहाई की जाए। सभी गांव की कमेटी के प्रधान एवं उपप्रधान गगसीना से कुलदीप संधू, जोगिंद्र, धन सिंह, लाभ सिंह, बलवान, राजबीर, विरेंद्र, प्रदीप, राजेश, सुरेंद्र गंगाटेहड़ी से धर्मसिंह, शेखपुरा से नरेश, जितेंद्र जबाला से दिलबाग, पाढ़ा से धर्मबीर, धर्मपाल, राजेश, दुपेड़ी से सुरेश, सुरेंद्र, होशियार, जयसिंहपुरा से नरेंद्र, शमशेर, सुनील मोरमाजरा से ईश्वर, सुरजीत गांव बसी से गुरदयाल, विरेंद्र, कुरलान बलविंद्र जुण आदि मौजूद रहे। ड्यूटी पर तैनात पानीपत के जिला पंचायत एवं विकास अधिकारी रूपेंद्र मलिक ने बताया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। प्रशासन की ओर से अधिकारियों व जवानों को कड़े निर्देश जारी किए हुए हैं।
मजबूरी में दे रहे धरना : मान
प्रधान मान ने आरोप लगाया कि भाजपा जाटों को गुमराह कर रही है। इससे मजबूरन दोबारा शांतिपूर्ण धरना देने पर मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि धरने में किसी भी प्रकार की सरकारी संपत्ति एवं रोड जाम का रास्ता नहीं अपनाया जाएगा। सरकार ज्यादा फोर्स एवं पुलिस प्रशासन लगाकर लगाकर जनता के पैसे का ही नुकसान कर रही है। इस अवसर पर बलवान मान ने भी शांति बनाए रखने की अपील की है। इस अवसर पर दर्जनों गांव से आए कमेटी प्रधान एवं सदस्यों ने भी धरना स्थल पर बैठे लोगों को आरक्षण संबधित अपने विचार रखे।
दिनभर हुक्के की गुड़गुड़ाहट
सुबह 9 बजते ही ग्रामीण बुजुर्गों ने हुक्का गुड़गुड़ाना शुरू कर दिया। नौजवानों की आठ-दस टोलियां दिनभर ताश खेलती रही। इस अवसर पर सीआईडी कर्मचारी और प्रशासन दाये-बायें से धरना स्थल का जायजा ले रहे थे। पहले दिन धरना बिल्कुल शांतिपूर्वक रहा।
मूनक नहर पर और कड़ा हुआ पहरा
घरौंडा। मुनक हेड पर आरएएफ और पुलिस का कड़ा पहरा कर दिया गया है। चप्पे-चप्पे पर आरएएफ व पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है। मुनक हेड से पिचौलिया हेड तक पेट्रोलिंग जारी है। रविवार को जवानों ने अपने कार्य में और तेजी ला दी। किसी भी व्यक्ति को हेड के आसपास फटकने नहीं दिया। आरपीएफ के 120 जवानों ने हेड के करीब दो किलोमीटर के क्षेत्र को अपने कब्जे में लिया हुआ था। प्रशासनिक अधिकारी उच्चाधिकारियों को पल-पल की जानकारी पहुंचा रहे थे।
घरौंडा थाने में भी पूरी तैयारी
घरौंडा क्षेत्र में किसी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस विभाग ने घरौंडा थाने में ही क्रेन, एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को तैनात किया हुआ था। मुनक हेड की सुरक्षा के लिए जहां आरएएफ के जवानों की तैनाती की गई थी, वहीं क्षेत्र के आसपास के गांवों में जाट समुदाय की ओर से किसी की आगजनी व रोड जाम की घटना न हो, इससे निपटने के लिए घरौंडा पुलिस भी पूरी तरह से तैयार दिखी।