उड़ता पंजाब की तर्ज पर कहीं प्रदेश और अपना गांव नशे की गिरफ्त में न आए, इसलिए गांव कतलाहेड़ी की पंचायत ने नशे के खिलाफ आवाज उठाई है। पंचायत ने नशा बेचने वालों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए टीम गठित की है, जो दिन और रातभर चेकिंग करती हैं। गांव की पंचायत ने शराब बेचते पकड़े जाने पर पांच हजार रुपये जुर्माना करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही, पंचायत ने यह भी फैसला लिया है कि अगर कोई अवैध रूप से शराब बेचते पकड़ा गया तो कोई भी ग्रामीण उसकी जमानत नहीं देगा, मतलब उसे जेल की हवा खानी पड़ेगी।
पूरे गांव ने एकजुटता का परिचय देते हुए गांव को नशा मुक्त करने का संकल्प लिया है। गांव को नशा मुक्त करने के लिए गांव में सर्वजातीय पंचायत हुई, जिसमें कई कठोर निर्णय लिए गए। पंचायत के अनुसार, जो भी व्यक्ति गांव में शराब बेचता या बिकवाता पकड़ा गया उसके खिलाफ पंचायत थाने में केस दर्ज कराएगी और गांव का कोई भी व्यक्ति उसकी जमानत नहीं कराएगा। यदि गांव का कोई व्यक्ति उसकी जमानत कराने के लिए आगे आया तो उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। सार्वजनिक स्थान पर शराब पीते पकड़े जाने पर पांच हजार रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा, जिसे गांव के विकास पर खर्च किया जाएगा।
ब्लॉक समिति के अध्यक्ष राजेश, जिला परिषद के सदस्य खुशी राम व गांव के सरपंच कृष्ण कुमार, ग्रामीण लाल सिंह, सूबे सिंह, काबज सिंह, प्रदीप राणा, तेजवीर सिंह और अंग्रेज सिंह ने बताया कि वे गांव को नशामुक्त करके ही दम लेंगे। युवा देश का भविष्य हैं, इसलिए उन्हें नशे का आदी नहीं होने देंगे। आजकल खासकर युवा वर्ग नशे की गिरफ्त में आता जा रहा है, जो गांव, देश और समाज की तरक्की में बाधा है।
बंद कराए अवैध खुर्दे
पंचायत सदस्य दिन-रात गली-गली घूमकर नशे के खिलाफ मुहिम छेड़े हुए हैं। नशा करने वालों से हाथ जोड़कर बच्चों के भविष्य की दुहाई दे रहे हैं। ग्रामीणों ने गांव में खुले खुर्दों को बंद कराया है। इसके लिए सभी को समझाया गया है। ग्रामीणों का दावा है कि फिलहाल बाद में पूरी तरह से शराब की बिक्री बंद कर दी गई है और ऐसे लोगों पर नजर रखी जा रही है। रात को निगरानी के लिए युवाओं की टोली बनाई गई है, जो पूरे गांव में घूमते हैं।
छापेमारी के लिए टीम का गठन
अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए हर बिरादरी के लोगों की एक छापामार टीम का गठन भी किया गया है। सूचना मिलते ही टीम सदस्य मौके पर पहुंचेंगे और हकीकत का पता करेंगे। सच्चाई मिलने पर पंचायत बुलाई जाएगी और ऐसे व्यक्तियों को दंडित किया जाएगा। यदि पंचायत की बात नहीं मानी जाएगी तो उसके खिलाफ पूरा गांव थाने में शिकायत दर्ज कराएगा। पंचायत के फैसला का विरोध करने वाले व्यक्ति से गांव का कोई भी व्यक्ति वास्ता नहीं रखेगा। यदि आरोपी के परिवार के सदस्य उसका साथ देंगे तो उनका भी सामाजिक बहिष्कार तक होगा।
महिलाएं बोलीं, शराब पीकर आया तो पंचायत बुलाएंगी
गांव को नशामुक्त कराने में महिलाएं भी आगे आई है। उन्होंने भी पंचायत में संकल्प लिया है कि वे अपने परिवार के किसी भी सदस्य को नशीले पदार्थ की बिक्री नहीं करने देंगी। यदि उनके परिवार का कोई व्यक्ति शराब पीकर घर आया तो वे पंचायत को बताएंगी। बता दें कि गांव में काफी संख्या में अवैध खुर्दे थे, जिनके कारण काफी संख्या में युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे थे। शराब के कारण रोजाना गांव में झगड़े होते थे और गलियों से महिलाओं का निकलना दूभर हो गया था।