मोहित धुपड़ पानीपत। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पहला बजट आगामी चुनौतियों, विषमताओं और आर्थिक विकास की नई संभावनाओं को भांपकर तैयार किया गया है। इसमें कई महत्वाकांक्षी नई परियोजनाओं की घोषणाएं की गईं हैं, तो पुरानी परियोजनाओं को रफ्तार देने के लिए अरबों के बजट का प्रावधान भी किया है।
सीएम के पिटारे से जीटी बेल्ट क्षेत्र (अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत व यमुनानगर) को कई सौगातें मिली हैं। इन सभी छह जिलों में करीब 34 परियोजनाएं ऐसी हैं, जिनके लिए बजट में प्रावधान किया गया है। इनमें अधिकतर नई परियोजनाएं शामिल हैं, तो कुछ पुरानी। शिद्दत के साथ ये परियोजनाएं यदि सिरे चढ़ती हैं तो इस क्षेत्र में विकास की बयार बहेगी, वहीं औद्योगिक, शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी। इसके साथ तकनीक, संस्कृति और शोध को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस बजट को तैयार करने के लिए सीएम ने हरियाणा में विभिन्न हितधारकों के साथ कुल 11 बैठकें कीं। इनमें से दो बैठकें पानीपत और कुरुक्षेत्र में भी की गईं। जिनमें उद्यमियों, युवाओं और अन्य वर्ग के लोगों ने अपने परामर्श सीएम को दिए थे। सीएम ने दावा किया है कि उन्होंने हितधारकों के सुझावों काे ध्यान में रखते हुए इस बजट को प्रभावशाली बनाने का प्रयास किया है। बजट में खेती बाड़ी पर सरकार का फोकस दिखा। इसी के अंतर्गत इस क्षेत्र में लीची और स्ट्राॅबेरी का उत्कृष्टता केंद्र बनेगा। वहीं बागवानी मिशन का भी विस्तार किया जा रहा है, जिसमें अब कैथल को भी शामिल कर लिया गया है। सूरजमुखी तेल मिल व अनाज भंडारण के लिए स्टील निर्मित साइलो के निर्माण की साैगात हो या प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात, इसका सीधा लाभ क्षेत्र के किसानों को मिलेगा। माॅडल संस्कृति स्कूल की योजना, तीन जिलों में दोहरी पाली में चलने वाले स्कूलों को एकल पाली में करना, बुनियादी कार्यक्रम के तहत ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन माध्यम से विद्यार्थियों की कक्षाएं शुरू करने की सुविधा और क्षेत्र के दो पाॅलीटेक्निक को हरियाणा टेक्नोलाॅजी इंस्टीट्यूट बनाने की घोषणा से इस क्षेत्र के विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग व मैथेमेटिक्स पाठ्यक्रमों में लड़कियों की संख्या व रुचि बढ़ने के उद्देश्य से करनाल की बेटी कल्पना चावला के नाम से पूरे प्रदेश में एक छात्रवृत्ति योजना शुरू होगी। यह इस क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
माताओं और शिशुओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और मातृ, नवजात व पांच वर्ष से कम शिशु मृत्युदर को कम करने के मकसद से प्रदेश के आठ जिलों में अति आधुनिक मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र स्थापित होंगे। इनमें से दो जिले कैथल व पानीपत जीटी बेल्ट के हैं। इसके अलावा ट्राॅमा सेंटर अपग्रेड करने, अस्पतालों में बेडों की संख्या बढ़ाने, कैंसर मरीजों के लिए डे केयर सेंटर खोलने, राज्य स्तरीय ड्रग टेस्टिंग लैबोरेटरी को आधुनिक बनाने, श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय का कार्य इसी सत्र से शुरू कराने व राजकीय होम्योपैथिक काॅलेज बनवाने, ईएसआईसी की ओर से पांच अस्पताल व डिस्पेंसरियों की साैगातों से भी इस क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी।
औद्योगिक दृष्टि से यह क्षेत्र बहुत महत्वपूर्ण हैं। खासकर यमुनानगर, अंबाला व करनाल। इसी के मद्देनजर इस बजट में दो नए औद्योगिक क्लस्टरों, आईएमटी की परियोजना को विस्तार व कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) का निर्माण व टेक्सटाइल पाॅलिसी के विस्तार से इस क्षेत्र के उद्योगों व उद्यमियों को फायदा होगा।
इसके अलावा कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में नए खेल उत्कृष्टता केंद्र बनने से स्थानीय खिलाड़ी और निखरेंगे। सराय काले खां (दिल्ली) से करनाल तक नमो मेट्रो लाइन का निर्माण इस क्षेत्र के लिए बड़ी परियोजना है। यमुनानगर में 800 मेगावाट अल्ट्रासुपर क्रिटीकल थर्मल प्लांट के लिए बजट के प्रावधान से अब इस परियोजना का काम जल्द शुरू हो जाएगा। प्रदेश में घोषित पांच में से पीपीपी मोड के तहत दो नए बस स्टैंड इसी क्षेत्र को मिले हैं। जिससे परिवहन सुविधा और सुगम होगी। पेहवा-कुरुक्षेत्र-यमुनानगर नेशनल हाईवे का निर्माण भी जल्द शुरू हो जाएगा।
इस क्षेत्र के युवाओं का रुझान सेना भर्ती की ओर बढ़े। इसके लिए सशस्त्र बल तैयारी संस्थान की भी बढ़ी साैगात जीटी बेल्ट को मिली है। सीएम के विधानसभा क्षेत्र लाडवा में नया न्यायालय परिसर भी बनेगा। इसकी मांग लंबे अरसे से चलती आ रही थी।
यमुनानगर में कलेसर वन क्षेत्र है। लिहाजा यमुनानगर में फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट की साैगात इस बजट में सीएम ने इस क्षेत्र को दी है। कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में 80 प्रतिशत पूरा हो चुके महाभारत अनुभव केंद्र व अंबाला में आजादी की पहली लड़ाई के शहीद स्मारक संबंधी परियोजनाओं को शीघ्र सिरे चढ़ाने के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है।
इनके अलावा बाबा बंदा सिंह बहादुर लोहगढ़ ट्रस्ट को मजबूत करने, पिपली में बनने वाले सिख संग्रहालय के निर्माण का जिम्मा एचएसवीपी को दिए जाने, पानीपत में कामकाजी महिलाओं के लिए महिला छात्रावास बनाने और अंबाला में नई खदानें शुरू करने की योजनाएं भी इस क्षेत्र के लिए घोषित की गई हैं।
दूसरी ओर देखा जाए तो सीएम, विधानसभा अध्यक्ष, तीन कैबिनेट व एक केंद्रीय मंत्री इसी जीटी बेल्ट क्षेत्र से आते हैं। हालांकि सरकार ने बजट में पूरे प्रदेश का ध्यान रखा है मगर इन सियासी दिग्गजों के प्रभाव का असर कह सकते हैं कि जीटी बेल्ट क्षेत्र काे बजट में इस बार सीएम के पिटारे से काफी साैगातें मिली हैं।