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Karnal News: सोनीपत पुलिस के पास नहीं जाएंगे, करनाल में नहीं हुई सुनवाई तो डीजीपी से मिलेंगे

Thu, 11 Dec 2025 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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जेल से बाहर आने के बाद अपने परिवार के साथ मलखान सिंह। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। पुलिस की लापरवाही से हत्या के मामले में दोषी के स्थान पर जेल भेजे गए तरावड़ी क्षेत्र के ललायणी जोगीमाजरा गांव के मलखान नाथ का कहना है कि वह दो दिन तक करनाल पुलिस के कार्रवाई करने का इंतजार करेंगे। सोनीपत पुलिस और हत्यारोपी पर कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार डीजीपी से मुलाकात करेगा। सोनीपत पुलिस के पास नहीं जाएंगे। मलखान को 2 वर्ष तक जेल में रहना पड़ा था। डीएनए जांच में उनका मिलान आरोपी के परिवार से न होने पर 29 नवंबर को रिहाई हुई थी।
परिवार का कहना है कि जेल में मलखान नाथ से मिलाई चेतराम के नाम से कराई जाती थी। मामले में सोनीपत पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सोनीपत जेल प्रशासन पर भी सवालिया निशान है। चेतराम का पुलिस के पास पूरा रिकॉर्ड था। जेल में फिंगरप्रिंट थे लेकिन पुलिस ने मिलान नहीं किया। मलखान का कहना है कि सोनीपत पुलिस से भरोसा उठ गया है। इसीलिए उन्होंने मंगलवार को करनाल एसपी गंगाराम पुनिया से शिकायत की। मलखान नाथ के भाई मुकेश नाथ और अधिवक्ता अशोक चंदानी ने कहा कि अगर दो दिन में सोनीपत पुलिस के अधिकारियों और हत्या के असली आरोपी चेतराम के परिवार के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे डीजीपी ओपी सिंह से मुलाकात करेंगे।
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कोर्ट में खुद को चेतराम बनाने को कहा...

पीड़ित मलखान नाथ ने बताया कि सोनीपत पुलिस की गन्नौर सीआईए की टीम ने 11 दिसंबर, 2023 को उन्हें असम से पकड़ा था। थर्ड डिग्री टॉर्चर किया। कहा कि उन्हें अदालत में खुद को चेतराम बताना है। धमकी दी कि चेतराम नहीं बताया तो चार दिन का रिमांड बढ़ाकर गोली मार देंगे। मलखान नाथ ने बताया कि डरते हुए पहली तारीख पर खुद को चेतराम बताया लेकिन उसके बाद मामले में सुनवाई के दौरान उन्होंने खुद को मलखान नाथ बताया।

अधिकारियों को नोटिस के बाद मिली रिपोर्ट

अधिवक्ता ने फरवरी, 2023 में सोनीपत अदालत में डीएनए टेस्ट करवाए जाने की मांग रखी। इसे अदालत ने मंजूर कर लिया। डीएनए की रिपोर्ट नहीं आई तो अक्तूबर माह में हाईकोर्ट में याचिका लगाई। सिंगल बेंच में सुनवाई के बाद एफएसएल मधुबन के निदेशक, सरकार के प्रधान सचिव, डीजीपी हरियाणा, एसपी सोनीपत और थाना शहर प्रभारी सोनीपत को नोटिस जारी किया गया। इसके बाद एफएसएल ने डीएनए रिपोर्ट जारी की थी।
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मामला : 1997 की हत्या में दोषी की जगह फंसाए गए
सोनीपत के गांव पिनाना में वर्ष 1997 में केला देवी पत्नी राजेंद्र फौजी की हत्या हुई थी। प्राथमिकी आरोपी चेतराम वासी पिनाना के खिलाफ दर्ज हुई। आरोपी को सोनीपत पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। वर्ष 2000 में आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। कुछ साल की सजा के बाद पेरोल पर बाहर आया चेतराम वापस जेल नहीं गया। मलखान नाथ के अनुसार वह जड़ी-बूटियां बेचने का काम करते हैं। आरोपी चेतराम की उनके परिवार से पहचान थी। मां ने उसे धर्म बेटा बना लिया था। दिसंबर, 2023 में वह अपने काम के लिए असम गए थे। 11 दिसंबर 2023 को सीआईए गन्नौर की टीम ने उन्हें पकड़ लिया था। 21 दिसंबर, 2023 को जेल भेज दिया गया था।
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