गांव भैणीकलां में बुधवार को हुई ऑनर किलिंग के मामले में पुलिस पूरी तरह
चुप्पी साधे है। पुलिस अधिकारियों के विरोधाभासी बयान भी मामले को लगातार
कमजोर करते नजर आ रहे हैं।
ऑनर किलिंग के चंद घंटों बाद पुलिस जिन पांचों
आरोपियाें को हिरासत में लेने की बात कर रही थी। वही पुलिस 36 घंटे के बाद
उन पांचों को हिरासत से बाहर बता रही है। इससे सवाल खड़ा होता है कि आखिर
हिरासत में लिए गए पांचों आरोपी अचानक कहां गायब हो गए।
पुलिस अधिकारी अब
तक यह पता नहीं लगा पाए कि प्रेमी जोड़े की हत्या किस हथियार या वस्तु के
इस्तेमाल से की गई है। मंगलवार को गांव भैणीखुर्द का मनोज व उसके पड़ोस में
रहने वाली किरण अपने प्यार को परवान चढ़ाने के लिए घर से भागे, लेकिन वह
ज्यादा दूर निकल पाते इससे पहले ही वह आधी रात के समय उन्हें तलाश कर रहे
परिजनों की पकड़ में आ गए और परिजनों ने दोनों को पकड़कर मौत के घाट उतार
दिया।
मामला छीपाने के लिए दोनों का अंतिम संस्कार रात के अंधेरे में ही कर
दिया। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो प्रेमी जोड़े की राख शमशान में मिली।
पुलिस ने राख के नमूने भी लिए, लेकिन उससे क्या रिपोर्ट निकलकर सामने आती
है। उसमें अभी समय लग सकता है।
मामले के बाद अब तक पुलिस ने इस मामले में
खुलकर कुछ नहीं बताया इससे साफ होता है कि पुलिस अब तक या तो सुराग नहीं
जुटा पाई या फिर जान बूझकर छिपाने का प्रयास कर रही है। थाना प्रभारी नसीब
सिंह का कहना है कि अभी तक कोई भी आरोपी गिरफ्तार नहीं किया है। हत्या किस
हथियार से हुई वह अभी जांच का विषय है।
ये था मामला
गांव भैणीकला
में एक ही जाति और एक ही गोत्र के प्रेमी जोडे़ की ऑनर किलिंग की गई थी।
प्रेमी जोड़ा अपने प्यार को परवान चढ़ाने के लिए 20 मई को घर से फरार हो
गया था। परिवार के लोगों ने उन्हें कुरुक्षेत्र से पकड़ लिया था। बाद में
वह लोग उन्हें गांव में ले आए थे। रात में दोनों की हत्या कर दी गई। हत्या
किस ढंग से की गई, वह जांच का विषय है, लेकिन 21 मई को पौ फटने से पूर्व ही
प्रेमी जोडे़ का गांव के श्मशान घाट में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया था।
पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराने के लिए हड्डियां भी कब्जे में ली थी। राख के
नमूने भी लिए गए थे।